अमेरिका में इमिग्रेशन कार्रवाई पर बवाल: 5 साल के बच्चे को बनाया 'हथियार', कमला हैरिस ने जताई कड़ी नाराजगी



मिनेसोटा: अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ जारी फेडरल कार्रवाई के दौरान एक पांच वर्षीय मासूम बच्चे को हिरासत में लिए जाने के मामले ने मानवीय और नैतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मिनियापोलिस के उपनगर कोलंबिया हाइट्स में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एजेंटों ने 5 साल के लियाम कोनेजो रामोस और उसके पिता को हिरासत में लेकर टेक्सास के एक डिटेंशन सेंटर भेज दिया। स्कूल अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि एजेंट्स ने इस छोटे बच्चे का इस्तेमाल घर के अन्य सदस्यों को बाहर निकालने के लिए एक 'चारे' (Decoy) के रूप में किया। यह घटना हाल के हफ्तों में इसी क्षेत्र के किसी स्कूल से छात्र के हिरासत में लिए जाने का चौथा मामला है, जिससे स्थानीय समुदाय में भारी दहशत है। The use of a minor as a tactical tool in immigration enforcement has sparked a wave of nationwide outrage and legal scrutiny.

इस कार्रवाई की गूँज वाशिंगटन तक पहुँच गई है, जहाँ पूर्व उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी तीव्र प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लियाम रामोस के मामले को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि एक बच्चे को जेलनुमा डिटेंशन सेंटर के बजाय उसके घर पर होना चाहिए। स्कूल सुपरिटेंडेंट जेना स्टेनविक ने पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को फेडरल एजेंट्स ने बच्चे को उसके घर के बाहर कार से उठाया और उससे दरवाजा खटखटाने को कहा ताकि अंदर छिपे अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। सुपरिटेंडेंट ने इसे मासूमियत का घोर उल्लंघन बताया है। The political backlash highlights the deepening divide over the ethical boundaries of federal deportation strategies.

वहीं, दूसरी ओर डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलग्लिन के अनुसार, एजेंट्स का निशाना बच्चा नहीं, बल्कि उसके पिता एड्रियन अलेक्जेंडर कोनेजो थे, जो इक्वाडोर के नागरिक हैं और अवैध रूप से रह रहे थे। प्रवक्ता का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान पिता बच्चे को छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद बच्चे की सुरक्षा के लिए उसे साथ लिया गया। फिलहाल, पिता-पुत्र को टेक्सास के डिले स्थित फैमिली होल्डिंग सेल में रखा गया है। परिवार के वकील मार्क प्रोकोश सभी कानूनी विकल्पों को तलाश रहे हैं ताकि इस परिवार को नैतिक आधार पर रिहा कराया जा सके। The case continues to fuel intense debate over the balance between national security laws and child welfare protections in the US.



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