अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश): कहते हैं कि सच्ची मोहब्बत न तो कोई जाति देखती है और न ही मजहब की दीवारें उसे रोक पाती हैं। प्यार की एक ऐसी ही मिसाल उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में देखने को मिली है, जहाँ पंजाब के लुधियाना की रहने वाली एक मुस्लिम युवती ने अपने प्यार की खातिर स्वेच्छा से अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। मिस्बा अहमद नाम की इस युवती ने अब हिंदू धर्म अपनाकर अपना नया नाम 'मनीषा' रख लिया है। खास बात यह है कि अलीगढ़ जिले में 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम' के तहत आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया यह पहला कानूनी मामला बन गया है।
जानकारी के अनुसार, लुधियाना के खन्ना (आजाद नगर) की निवासी मिस्बा अहमद को अलीगढ़ के टप्पल इलाके के गांव बैना निवासी एक हिंदू युवक से प्रेम हो गया था। अपने रिश्ते को सामाजिक और कानूनी पहचान देने के लिए मिस्बा ने हाल ही में प्रयागराज में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में पूरे विधि-विधान के साथ हिंदू धर्म में वापसी की। युवती ने अलीगढ़ प्रशासन को एक रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र सौंपकर यह स्पष्ट किया है कि उसने यह कदम बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से उठाया है।
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे सकारात्मक कड़ी यह रही कि टप्पल निवासी युवक के परिजनों ने मनीषा (पूर्व नाम मिस्बा) को खुले दिल से अपनाया और इस प्रक्रिया के दौरान वे स्वयं साक्षी बने। अब इस धर्म परिवर्तन को सरकारी दस्तावेजों में विधिवत दर्ज करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। चूंकि उत्तर प्रदेश में 2020 से धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून लागू हैं, इसलिए प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और स्वैच्छिक हो।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि Uttar Pradesh Anti-Conversion Law के तहत यह अलीगढ़ का पहला ऐसा मामला है जिसे आधिकारिक मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया गया है। मनीषा ने प्रशासन को दिए अपने बयान में कहा है कि वह हिंदू संस्कृति और अपने जीवनसाथी के साथ एक नई शुरुआत करने के लिए बेहद उत्साहित है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है कि कैसे कानून के दायरे में रहकर दो दिल एक हो रहे हैं।