ढाका (बांग्लादेश): पड़ोसी देश बांग्लादेश में Bangladesh Nationalist Party (BNP) की ऐतिहासिक जीत के बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। आगामी 17 फरवरी 2026 को बीएनपी के चेयरमैन तारिक रहमान (Tarique Rahman) बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पहली बार पारंपरिक राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' के बजाय राष्ट्रीय संसद परिसर के 'साउथ प्लाजा' में आयोजित किया जा रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, 12 फरवरी को हुए मतदान में बीएनपी ने दो-तिहाई बहुमत हासिल कर शेख हसीना के 15 साल के शासन के बाद एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया है।
इस शपथ ग्रहण समारोह के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत और चीन सहित दुनिया के 13 प्रमुख देशों को न्योता भेजा है। आमंत्रित देशों की सूची में पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, कतर, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान जैसे देश शामिल हैं। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण मिला था, लेकिन 17 फरवरी को ही मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ उनकी पूर्व निर्धारित द्विपक्षीय बैठक होने के कारण वे ढाका नहीं जा पाएंगे।
भारत सरकार ने इस समारोह के महत्व को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को अपना आधिकारिक प्रतिनिधि नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, ओम बिरला के साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री और लोकसभा महासचिव भी ढाका जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर उनकी जीत पर बधाई दी थी और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी। भारत का यह कदम नई सरकार के साथ रचनात्मक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान संविधान के कुछ प्रावधानों को लेकर चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। चूंकि पिछली संसद की अध्यक्ष शिरीन शरमिन चौधरी ने इस्तीफा दे दिया है, इसलिए सांसदों को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सौंपी जा सकती है। तारिक रहमान के नेतृत्व में बनने वाली यह नई सरकार बांग्लादेश में Inclusive Governance (समावेशी शासन) और आर्थिक सुधारों का वादा कर रही है। भारत के लिए यह बदलाव सीमा सुरक्षा, तीस्ता जल बंटवारे और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगा।