मुंबई: रामानंद सागर की कालजयी कृति 'रामायण' (Ramayan) के हर किरदार ने दर्शकों के दिलों पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है। भगवान राम, माता सीता और हनुमान के साथ-साथ एक ऐसा पात्र भी था जिसने रावण की पूरी लंका को अपनी शक्ति से चुनौती दी थी वो थे बाली पुत्र अंगद। क्या आप जानते हैं कि अंगद का यह शक्तिशाली किरदार निभाने वाले अभिनेता बशीर खान (Bashir Khan) थे? आज के दौर में जब रामायण के पुनः प्रसारण के बाद इसके मुख्य कलाकार एक बार फिर चर्चा में आए, वहीं बशीर खान जैसा मंझा हुआ कलाकार कहीं गुमनामी के अंधेरे में खो गया है।
रामायण का वह दृश्य आज भी रोंगटे खड़े कर देता है, जब अंगद रावण के दरबार में शांति दूत बनकर जाते हैं और अपना पैर अंगद की तरह जमा देते हैं। बशीर खान के दमदार व्यक्तित्व और उनकी संवाद अदायगी ने उस सीन को जीवंत कर दिया था। रावण के बड़े-बड़े महाबली योद्धा यहाँ तक कि स्वयं इंद्रजीत भी उनके पैर को हिला नहीं सके थे। बशीर खान की इस परफॉरमेंस की तारीफ पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने भी की थी, जिन्होंने सोशल मीडिया पर फोटो साझा कर कहा था कि उन्हें अपनी बल्लेबाजी के लिए पैर न हिलाने की प्रेरणा यहीं से मिली थी।
रामायण से महाभारत तक: बशीर खान का शानदार सफर
बशीर खान केवल 'रामायण' तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने भारतीय टेलीविजन के स्वर्ण युग के लगभग हर बड़े पौराणिक धारावाहिक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके अभिनय सफर के कुछ मुख्य पड़ाव इस प्रकार हैं:
विक्रम और बेताल: बशीर खान ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत रामानंद सागर के इसी प्रसिद्ध शो से की थी।
महाभारत (1988): बी.आर. चोपड़ा की ऐतिहासिक Mahabharat में भी उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया।
श्री कृष्ण (1993): रामानंद सागर के एक और सुपरहिट शो 'श्री कृष्ण' में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दुर्भाग्यवश, भारतीय टेलीविजन को कई क्लासिक शो देने वाले बशीर खान आज गुमनामी का जीवन जी रहे हैं। उन्हें अब नए प्रोजेक्ट्स और रोल्स के ऑफर मिलना लगभग बंद हो गए हैं। हालांकि, ओटीटी (OTT Platforms) के इस दौर में प्रशंसक एक बार फिर उन पुराने कलाकारों को याद कर रहे हैं जिन्होंने अपनी कला से भारतीय संस्कृति को घर-घर पहुँचाया। बशीर खान का अंगद का वह किरदार आज भी यह याद दिलाता है कि कला की कोई जाति या धर्म नहीं होता, वह केवल समर्पण और प्रतिभा की मोहताज होती है।