नाभा (पंजाब): शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री Bikram Singh Majithia के समर्थकों के लिए आज का दिन जश्न का संदेश लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद आज बिक्रम मजीठिया को नाभा जेल से रिहा किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए उनकी पत्नी और मजीठा विधानसभा क्षेत्र से विधायक Ganieve Kaur Majithia खुद अपनी लग्जरी गाड़ी 'जीप रूबीकॉन' (Jeep Rubicon) में सवार होकर नाभा जेल पहुंचीं। जेल के बाहर अकाली दल के कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है, जो ढोल-नगाड़ों के साथ अपने नेता का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
जेल के बाहर पत्रकारों से रूबरू होते हुए गनीव कौर मजीठिया ने पंजाब की वर्तमान सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को इतनी बौखलाहट है कि वे भगवान का नाम तक भूल गए हैं। विरोधियों द्वारा रिहाई पर कसे जा रहे तंजों का जवाब देते हुए गनीव कौर ने दहाड़ते हुए कहा, "अब देखना, जब शेर बाहर निकल कर आता है तो क्या बनता है।" उन्होंने न्यायपालिका और ईश्वर का शुक्रिया अदा करते हुए इसे सच्चाई और लंबे संघर्ष की जीत करार दिया।
गनीव कौर ने सरकार द्वारा मजीठिया पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा, "सरकार कहती थी कि मजीठिया जेल में ही रहेंगे, अब वो मेरे 546 Crore Rupees वापस करें। वे हजार एकड़ जमीन और करोड़ों के गबन की बात करते थे, अब उसे दिखाएं और हमें वापस सौंपें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस के माध्यम से जितना दबाव डालना था डाल लिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने यह साबित कर दिया कि झूठ के पांव नहीं होते।
बिक्रम मजीठिया की रिहाई पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है, खासकर जब राज्य में आगामी चुनावों की सुगबुगाहट तेज है। अकाली दल इस रिहाई को एक 'पॉलिटिकल विक्ट्री' के रूप में देख रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से नाभा जेल के आसपास Punjab Police ने कड़े बंदोबस्त किए हैं ताकि रिहाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे। मजीठिया की रिहाई के बाद उनका अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) में मत्था टेकने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।