बीजिंग: चीन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे दूरसंचार धोखाधड़ी (Telecom Fraud) और अवैध जुए के एक बड़े साम्राज्य को जड़ से खत्म करते हुए 4 मुख्य अपराधियों को फांसी की सजा दी है। शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट (Shenzhen Intermediate People’s Court) ने सोमवार, 2 फरवरी 2026 को इन सजाओं की पुष्टि की। ये दोषी म्यांमार के कोकांग (Kokang) क्षेत्र से करीब $4.16 बिलियन (लगभग 290 अरब युआन) का काला कारोबार संचालित कर रहे थे। इस सिंडिकेट ने न केवल हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी की, बल्कि इनके अपराधों के कारण छह चीनी नागरिकों की जान भी गई थी।
फांसी पाने वाले अपराधियों की पहचान कुख्यात 'बाई फैमिली' (Bai Family) के प्रमुख सदस्यों के रूप में हुई है, जिनमें बाई यिंगकांग (Bai Yingcang), यांग लिकियांग, हू शियाओजियांग और चेन गुआंगयी शामिल हैं। गिरोह का मुख्य सरगना, बाई सुओचेंग (Bai Suocheng), जिसकी नवंबर 2025 में मौत की सजा सुनाई गई थी, उसकी जेल में बीमारी के कारण पहले ही मृत्यु हो गई थी। अदालत ने इन अपराधियों के कृत्यों को 'अत्यंत जघन्य' करार देते हुए कहा कि ये लोग अपहरण, जबरन वसूली, वेश्यावृत्ति और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त थे।
बीजिंग द्वारा दक्षिण-पूर्वी एशिया में चल रहे Scam Parks के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। गौरतलब है कि इस कार्रवाई से महज चार दिन पहले, 29 जनवरी 2026 को चीन ने मिंग परिवार (Ming Family) से जुड़े 11 अन्य अपराधियों को भी फांसी दी थी। म्यांमार की सीमा से सटे इन इलाकों में यह गिरोह अपनी निजी सेना और 'इंडस्ट्रियल पार्कों' के जरिए चीनी नागरिकों को निशाना बनाता था। Supreme People's Court ने इन सजाओं को मंजूरी देते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि सीमा पार से होने वाले अपराधों के खिलाफ चीन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद म्यांमार, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों में सक्रिय अन्य साइबर-क्राइम सिंडिकेट्स में हड़कंप मचा हुआ है। चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर अब तक हजारों संदिग्धों को प्रत्यर्पित (Extradite) कराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फांसियों के बाद अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क की कमर टूट जाएगी, जिससे करोड़ों मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह सकेगी।