नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। लगभग तीन दशक पहले दिल्ली की पहचान रही 'डबल डेकर' (Double Decker) बसें एक बार फिर सड़कों पर अपनी धमक दिखाने के लिए तैयार हैं। वर्ष 1989 में बंद हुई इस प्रतिष्ठित बस सेवा को दिल्ली सरकार करीब 37 साल बाद नए और आधुनिक अवतार में वापस ला रही है। 20 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली यह सेवा विशेष रूप से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई है, जो दिल्ली दर्शन को एक शाही अनुभव में बदल देगी।
ये नई डबल डेकर बसें पूरी तरह से Electric Vehicles (EV) हैं, जिससे ये ध्वनि और वायु प्रदूषण मुक्त होंगी। इन बसों में एक साथ 63 यात्री सफर कर सकेंगे और प्रत्येक बस में एक अनुभवी गाइड तैनात रहेगा, जो पर्यटकों को दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों की जानकारी देगा। खास बात यह है कि ये बसें न केवल लाल किला और कुतुब मीनार जैसे पुराने स्मारकों को कवर करेंगी, बल्कि भारत मंडपम (Bharat Mandapam) और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे आधुनिक स्थलों तक भी पहुँचाएंगी।
दिल्ली पर्यटन विभाग ने इस सफर को सुलभ बनाने के लिए किराए की दरें तय कर दी हैं। वयस्कों के लिए प्रति व्यक्ति किराया ₹500 रखा गया है, जबकि 6 से 12 साल तक के बच्चों के लिए विशेष छूट के साथ टिकट ₹300 में उपलब्ध होगा। बस का रूट दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक केंद्रों से होकर गुजरेगा, जिसमें जामा मस्जिद, नेशनल वॉर मेमोरियल और राष्ट्रपति भवन जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
शाम के समय दिल्ली की खूबसूरती निहारने के लिए सरकार ने 'स्पेशल ईवनिंग टूर' की भी योजना बनाई है। इन बसों को दिल्ली के पर्यटन स्थलों की भव्य तस्वीरों से सजाया गया है, जो सड़क पर चलते हुए हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचेंगी। DTC (दिल्ली परिवहन निगम) के बेड़े में इन इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसों के शामिल होने से दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में एक नया आकर्षण जुड़ जाएगा।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगी बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी अपनी विरासत को देखने का एक नया नजरिया पेश करेगी। यह बस सेवा दिल्ली को लंदन और सिंगापुर जैसे वैश्विक शहरों की कतार में खड़ा कर देगी जहाँ डबल डेकर बसें पर्यटन की रीढ़ मानी जाती हैं।