पंजाब में महाशिवरात्रि की धूम: तड़के 4 बजे से शिवालयों में उमड़ा भक्तों का सैलाब, कांवड़ यात्रा के स्वागत को तैयार 'शिवनगरी'



फाजिल्का (पंजाब): महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रविवार को सीमावर्ती शहर फाजिल्का पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। तड़के चार बजे से ही शहर के प्रमुख शिवालयों सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जहाँ लोग लंबी कतारों में लगकर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन पर चारों पहर की पूजा का विधान है। श्री राम संकीर्तन मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित चिमनलाल शर्मा ने बताया कि प्रथम पहर की पूजा सुबह 4 बजे से ही शुरू हो गई थी। इसके बाद पूरे दिन पंचामृत स्नान, रुद्राभिषेक और बिल्वपत्र अर्पण का सिलसिला जारी रहेगा। मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा और मर्यादा बनी रहे।

शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और सेवाभावी श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। यहाँ आने वाले भक्तों के लिए शुद्ध जल, जूस, फलाहार और फलाहारी प्रसाद की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं में इस पर्व को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। दोपहर बाद हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ संघ के विभिन्न दलों का फाजिल्का पहुँचने का कार्यक्रम है, जिनके स्वागत के लिए शहरवासियों ने पलक-पावड़े बिछा रखे हैं।

पंजाब पुलिस (Punjab Police) और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिरों के आसपास वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि यातायात सुचारू बना रहे। कांवड़ियों के आगमन को देखते हुए शहर के प्रवेश मार्गों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। देर रात तक चलने वाले इस उत्सव में शहर की रौनक देखते ही बन रही है, जहाँ भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।



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