पंचकूला (हरियाणा): हरियाणा में बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासत गरमा गई है। हरियाणा युवा कांग्रेस ने 17 फरवरी 2026 को पंचकूला स्थित हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) कार्यालय के सामने एक विशाल विरोध प्रदर्शन और घेराव का ऐलान किया है। इस आंदोलन का नेतृत्व रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब करेंगे। प्रदर्शन में अंबाला के सांसद वरुण मुलाना सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ विधायक और नेता भी शामिल होंगे। युवा कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश सरकार की नीतियां युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं और आयोग 'सेलेक्शन' के बजाय 'रिजेक्शन' बॉडी बन गया है।
हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निशित कटारिया ने प्रेस वार्ता के दौरान सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि ग्रुप ए और बी की नौकरियों में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है, जिससे हरियाणा के स्थानीय युवाओं के हक मारे जा रहे हैं। कांग्रेस ने हाल ही में जारी PGT Computer Science के नतीजों का उदाहरण देते हुए कहा कि 1,711 पदों में से केवल 39 उम्मीदवारों का चयन होना आयोग की विफलता को दर्शाता है। इसके अलावा, 35 प्रतिशत न्यूनतम अंक की शर्त और रिजर्वेशन व्यवस्था में खामियों को लेकर भी युवाओं में भारी रोष है।
युवा कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें भर्तियों के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करना, HPSC परीक्षाओं में हरियाणा सामान्य ज्ञान (Haryana GK) का वेटेज कम से कम 20 प्रतिशत करना और विवादित 35 प्रतिशत न्यूनतम अंक के क्राइटेरिया को तुरंत खत्म करना शामिल है। साथ ही, चुनाव से पहले किए गए वादे के मुताबिक सीईटी (CET) क्वालीफाई करने वाले युवाओं को 9,000 रुपये मासिक भत्ता देने की भी मांग उठाई गई है।
इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए हरियाणा युवा कांग्रेस के विभिन्न जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने कमर कस ली है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो यह आंदोलन केवल पंचकूला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे हरियाणा की सड़कों पर उतरेगा। विपक्षी दल ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और पिछले 11 वर्षों में चयनित बाहरी व स्थानीय उम्मीदवारों का डेटा सार्वजनिक करने के लिए 'श्वेत पत्र' जारी करने की भी मांग की है।