एपस्टीन का 'डेथ आइलैंड': अरबपति, राजनेता और नाबालिगों के यौन शोषण का काला सच; नई फाइल्स से फिर बढ़ा दुनिया में हड़कंप


लिटिल सेंट जेम्स (यूएस वर्जिन आइलैंड्स): कैरिबियन सागर में स्थित जेफरी एपस्टीन का 'लिटिल सेंट जेम्स' आइलैंड, जिसे अब दुनिया भर में 'पेडोफाइल आइलैंड' के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र है। साल 2026 की शुरुआत में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा 'एपस्टीन फाइल्स' के तहत 30 लाख से अधिक नए पन्नों और गुप्त दस्तावेजों की रिहाई ने दुनिया भर के ताकतवर गलियारों में हलचल मचा दी है। ये दस्तावेज उस रोंगटे खड़े कर देने वाले नेटवर्क का खुलासा करते हैं, जहाँ 12 साल तक की नाबालिग लड़कियों को निजी जेट के जरिए लाया जाता था और दुनिया के सबसे रसूखदार लोगों को 'परोसा' जाता था।

करीब 72 एकड़ में फैला यह द्वीप दिखने में किसी जन्नत जैसा लगता था, जहाँ सफेद रेत और नीले समंदर के बीच एपस्टीन ने अपना 'काला साम्राज्य' बसाया था। पीड़ितों के बयानों और हालिया जारी तस्वीरों में द्वीप पर मौजूद एक रहस्यमयी नीले-सफेद धारीदार 'मंदिर' (Temple) और विला के भीतर बने गुप्त कमरों का विवरण सामने आया है। वर्जीनिया गिफ्रे सहित कई पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि इस द्वीप पर न केवल बलात्कार और मारपीट होती थी, बल्कि लड़कियों को एक 'वस्तु' की तरह साझा किया जाता था। दस्तावेजों में 'स्वीट यंग कोकोनट्स' जैसे कोड वर्ड्स का इस्तेमाल लड़कियों के लिए किया जाता था।

नई फाइल्स की रिहाई के बाद Donald Trump, प्रिंस एंड्र्यू और कई अन्य पूर्व राष्ट्रपतियों और मशहूर हस्तियों के नाम फिर से सुर्खियों में हैं। हालांकि, नाम आने मात्र से कोई अपराधी सिद्ध नहीं होता, लेकिन ये दस्तावेज उन गहरे संबंधों को उजागर करते हैं जो एपस्टीन ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली हस्तियों के साथ बनाए थे। हाल ही में फ्रांस और ब्रिटेन के जांच अधिकारियों ने भी इन फाइल्स की समीक्षा के लिए विशेष टीमों का गठन किया है ताकि उन देशों के नागरिकों की संलिप्तता की जांच की जा सके। वहीं, अमेरिकी सदन की ओवरसाइट कमेटी ने द्वीप के भीतर की कुछ ऐसी तस्वीरें जारी की हैं जो वहां होने वाले घिनौने कृत्यों की गवाही देती हैं।

वर्तमान में इस द्वीप का इतिहास मिटाने की कोशिशें भी जारी हैं। साल 2023 में अरबपति स्टीफन डेकोफ ने इस द्वीप को 6 करोड़ डॉलर में खरीदा था, जो अब इसे एक Luxury Resort में बदलने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, साल 2026 तक वहां किसी भी बड़े निर्माण की रिपोर्ट नहीं मिली है। पीड़ितों के वकीलों का कहना है कि चाहे वहां रिसॉर्ट बन जाए या उसे नाम बदल दिया जाए, वह जमीन हमेशा मासूमों की चीखों और अन्याय की गवाह रहेगी। एपस्टीन की 2019 में जेल में हुई रहस्यमयी मौत के बाद भी यह मामला खत्म नहीं हुआ है, बल्कि हर नई फाइल के साथ नए खुलासे हो रहे हैं।



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