हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): केंद्रीय स्वास्थ्य, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (J.P. Nadda) के हमीरपुर दौरे ने रविवार को हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। यूँ तो नड्डा का यह दौरा ठाकुर राम सिंह शोध संस्थान के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए था, लेकिन जिस तरह से वे सदर विधायक आशीष शर्मा के पैतृक गांव मुलाना स्थित निवास पर पहुंचे, उसने राजनीतिक गलियारों में बड़े संकेत दे दिए हैं। "नड्डा जी के वास्ते खाली कर दो रास्ते" जैसे गगनभेदी नारों के बीच जिला युवा मोर्चा ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान विधायक आशीष शर्मा स्वयं नड्डा की गाड़ी के 'सारथी' बनकर उन्हें गंतव्य तक ले जाते नजर आए, जिसे क्षेत्र में उनके बढ़ते राजनीतिक कद के तौर पर देखा जा रहा है।
विधायक के घर पर कार्यकर्ताओं से संक्षिप्त भेंट के बाद जेपी नड्डा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गसोता महादेव मंदिर (Gasota Mahadev Temple) पहुंचे। यहाँ विधायक आशीष शर्मा ने उनकी विशेष पूजा-अर्चना करवाई और नड्डा ने सभी प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। नड्डा ने इस दौरान कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में जिला भाजपा संगठन की आधिकारिक टीम की गैर-मौजूदगी ने सबको हैरान कर दिया। संगठन की इस दूरी को लेकर अब जिले के भीतर गुटीय समीकरणों और भविष्य के सत्ता संतुलन को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।
इस शक्ति प्रदर्शन के दौरान बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल, श्री नयनादेवी जी के विधायक रणधीर शर्मा और पूर्व सांसद सुरेश चंदेल जैसे दिग्गज चेहरे भी नड्डा के साथ मौजूद रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेपी नड्डा का विधायक आशीष शर्मा के घर जाना और साथ में मंदिर में हाजिरी लगाना हमीरपुर भाजपा के भीतर नेतृत्व की एक नई इबारत लिख सकता है। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच अब यह चर्चा आम है कि क्या आगामी समय में संगठन में किसी बड़े फेरबदल की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन ने जेपी नड्डा के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और हमीरपुर की सड़कों पर युवाओं का भारी हुजूम उमड़ा रहा। हालांकि जिला भाजपा की चुप्पी ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन विधायक समर्थकों के उत्साह को देखकर यह साफ है कि जिले की राजनीति अब एक नए मोड़ पर खड़ी है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली दरबार की इस करीबी का आने वाले समय में प्रदेश भाजपा की सांगठनिक स्थिरता पर क्या असर पड़ता है।