किन्नौर: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के रिब्बा गांव में सोमवार दोपहर प्रकृति का भयावह मंजर देखने को मिला। किन्नौर कैलाश की ऊंची चोटियों से अचानक एक विशालकाय Avalanche (हिमस्खलन) शोर मचाता हुआ नीचे की ओर बढ़ा। बर्फ का यह सैलाब इतनी तेजी से नाले में समाया कि आसपास के इलाकों में बर्फ की धूल का गुबार छा गया। गनीमत यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में कोई रिहायशी इलाका नहीं आया, जिससे जान-माल का नुकसान टल गया। हालांकि, इस बर्फीले तूफान की गर्जना और दृश्य ने स्थानीय ग्रामीणों को दहशत से भर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त जब सब सामान्य था, तभी पहाड़ियों से बर्फ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरने लगा। देखते ही देखते पूरा रिब्बा नाला सफेद धुंध में छिप गया और बर्फीली लहरों ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। Himachal Weather Update के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के कारण पहाड़ों पर बर्फ की परतें अस्थिर हो गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रशासन की चेतावनी: अगले 24 घंटे संवेदनशील
किन्नौर जिला प्रशासन ने घटना के बाद तुरंत अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग और Snow and Avalanche Study Establishment (SASE) की रिपोर्ट के आधार पर हिमाचल के तीन प्रमुख जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है:
किन्नौर: रिब्बा सहित ऊंचाई वाले ढलानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
लाहौल-स्पीति: अटल टनल और स्पीति घाटी के संपर्क मार्गों पर हिमस्खलन का उच्च जोखिम बना हुआ है।
चंबा: पांगी और भरमौर जैसे दुर्गम क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को 3000 meters से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रेकिंग या अनावश्यक यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी है। बर्फबारी के बाद खिली धूप से बर्फ पिघलने लगती है, जिससे ढलानों पर जमी बर्फ का बोझ अनियंत्रित होकर नीचे गिर सकता है। आपदा प्रबंधन टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।