लखनऊ/प्रयागराज: प्रयागराज के पावन संगम तट पर आस्था, अध्यात्म और अटूट श्रद्धा के प्रतीक 44 दिवसीय Magh Mela 2026 का रविवार को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य समापन हो गया। इस वर्ष माघ मेले ने फुटफॉल के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे मेले के दौरान कुल 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। समापन के दिन यानी महाशिवरात्रि पर ही करीब 40 लाख भक्तों ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ संगम में स्नान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस विशाल आयोजन की निगरानी कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गोरखपुर में मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का विधि-विधान से Rudrabhishek किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मानसरोवर मंदिर और पितेश्वरनाथ मंदिर में भी जलाभिषेक कर चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।
प्रमुख शहरों में महाशिवरात्रि की झलक:
काशी विश्वनाथ धाम: वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यहाँ हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा की गई। शाम तक 5.20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। खास बात यह रही कि दुनिया भर के 63 प्रसिद्ध मंदिरों से बाबा के लिए विशेष भेंट आई, जिसे मध्याह्न भोग आरती में अर्पित किया गया।
अयोध्या धाम: रामनगरी में भी शिवभक्तों का तांता लगा रहा। नागेश्वर नाथ और क्षीरेश्वर नाथ मंदिरों में लाखों श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरी अयोध्या को 5 जोन और 12 सेक्टर में बांटकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
लखनऊ व अन्य जिले: राजधानी के मनकामेश्वर मंदिर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शिवालयों में 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' की गूंज सुनाई दी।
प्रयागराज प्रशासन और UP Police के लिए यह मेला एक बड़ी सफलता रहा, जहाँ इतनी विशाल भीड़ के बावजूद सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े प्रबंध देखने को मिले। संगम की रेती पर बना तंबुओं का शहर अब धीरे-धीरे खाली हो रहा है, लेकिन 22 करोड़ लोगों की आस्था की गूंज ने इसे वैश्विक स्तर पर चर्चा में ला दिया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे और रोडवेज ने सैकड़ों अतिरिक्त बसें और ट्रेनें संचालित कीं।