उज्जैन: महाशिवरात्रि के महापर्व पर अवंतिका नगरी उज्जैन पूरी तरह शिवमय हो चुकी है। बाबा महाकाल और माता पार्वती के मंगल विवाह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ऐतिहासिक इंतजाम किए हैं। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 2:30 बजे भगवान महाकाल के मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे, जो अगले 44 घंटों तक यानी 16 फरवरी की रात 11 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए लगातार खुले रहेंगे। प्रशासन का दावा है कि इस बार 'स्मार्ट' मैनेजमेंट के जरिए भक्तों को मात्र 40 मिनट में बाबा के दर्शन सुलभ होंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए Ujjain Police और प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। डीएसपी दिलीप सिंह परिहार के अनुसार, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए तकनीक की मदद ली जा रही है। Google Maps को इस तरह नियंत्रित किया जाएगा कि यदि कोई मार्ग जाम है या पार्किंग फुल हो गई है, तो गूगल मैप वह रास्ता दिखाएगा ही नहीं। इससे देश-दुनिया से आने वाले भक्तों को भ्रम की स्थिति नहीं होगी और वे सीधे उपलब्ध पार्किंग तक पहुँच सकेंगे।
दर्शन और पूजन का विशेष समय-चक्र
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। बाबा महाकाल को सवा मन फल और फूलों से बना 'सेहरा' (मुकुट) सजाया जाएगा और उन पर चांदी के सिक्के न्योछावर किए जाएंगे।
रात 2:30 बजे: गर्भगृह के पट खुलेंगे और दिव्य भस्म आरती संपन्न होगी।
रविवार सुबह 4:30 बजे: आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का सिलसिला शुरू होगा।
रविवार रात 11:00 बजे: महानिशाकाल में महाकाल की महापूजा प्रारंभ होगी जो रातभर चलेगी।
सोमवार तड़के 4:00 बजे: भगवान का अलौकिक सेहरा श्रृंगार दर्शन होगा।
सोमवार दोपहर 12:00 बजे: साल में एक बार दोपहर में होने वाली भस्म आरती आयोजित होगी।
प्रवेश व्यवस्था और पार्किंग गाइड
प्रशासन ने विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार निर्धारित किए हैं: सामान्य दर्शनार्थी: कर्कराज पार्किंग से भील धर्मशाला और महाकाल महालोक के रास्ते प्रवेश करेंगे।
शीघ्र दर्शन (₹250 टिकट): सम्राट अशोक सेतु और बड़े गणेश मंदिर के सामने वाले द्वार से सुगम प्रवेश।
VIP/प्रोटोकॉल: बेगमबाग मार्ग स्थित नीलकंठ द्वार से प्रवेश की सुविधा।
श्रद्धालुओं के लिए महाकाल अन्नक्षेत्र में निःशुल्क फलाहार, पेयजल और चिकित्सा सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इंदौर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए प्रशांतिधाम और इंजीनियरिंग कॉलेज के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जबकि मक्सी मार्ग से आने वाले वाहन कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्क किए जा सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आधिकारिक समय-सारिणी का पालन करें और शांतिपूर्ण तरीके से विवाह उत्सव के साक्षी बनें।