नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश): महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नरसिंहपुर के महादेव पिपरिया घाट से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ नर्मदा नदी में स्नान के दौरान 15 वर्षीय बालक ओम राजोरिया गहरे पानी में समा गया। घटना रविवार सुबह लगभग 11:30 बजे की है, जब पूरा क्षेत्र शिवभक्ति और जयकारों से गूंज रहा था। पुलिस के अनुसार, जबलपुर की केंद्रीय जेल कॉलोनी निवासी टीकाराम राजोरिया अपने बेटे ओम के साथ पास के ही ग्राम बड़गवा में एक रिश्तेदारी में आए थे और त्योहार के अवसर पर प्रसिद्ध शिव मंदिर में दर्शन के लिए महादेव पिपरिया पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिता-पुत्र एक साथ नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे। कुछ देर बाद पिता टीकाराम जल चढ़ाने के लिए मंदिर के भीतर चले गए, जबकि ओम नदी में ही नहाता रहा। इसी बीच, किनारे से थोड़ा आगे बढ़ते ही ओम का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। घाट पर भारी भीड़ होने के कारण शुरुआत में किसी का ध्यान नहीं गया, लेकिन कुछ लोगों द्वारा शोर मचाने पर स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई, हालांकि तब तक बालक ओझल हो चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही ठेमी थाना प्रभारी प्रीति मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचीं। होमगार्ड के तैराक दल और SDRF की टीम को तत्काल रेस्क्यू अभियान के लिए बुलाया गया। नर्मदा नदी के उस हिस्से में पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शाम 5 बजे तक चले सघन तलाशी अभियान के बावजूद बालक का कोई सुराग नहीं मिल सका था, जिससे परिवार की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।
प्रशासन ने महाशिवरात्रि के मद्देनजर नर्मदा के विभिन्न घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किए थे, लेकिन इस हादसे ने उत्सव की खुशियों को गम में बदल दिया है। Narsinghpur Police ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के गहरे पानी की ओर न जाएं और केवल सुरक्षित घेरे के भीतर ही स्नान करें। फिलहाल, गोताखोरों की टीम लापता ओम की तलाश में जुटी हुई है और सर्च लाइट की मदद से देर शाम तक अभियान जारी रखने की योजना है।