नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में जारी गतिरोध के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज शाम 5 बजे सदन को संबोधित करने वाले थे, लेकिन विपक्षी सांसदों के भारी शोर-शराबे और नारेबाजी के चलते उनका संबोधन टल गया। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने स्थिति अनियंत्रित होते देख सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया। विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर वेल (Well) में आ गए थे, जिसके कारण लगातार तीसरे दिन धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी।
सदन के बाहर कांग्रेस और सपा नेताओं ने सरकार पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद KC Venugopal और प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जहां नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को कोई किताब कोट (Quote) करने पर टोक दिया जाता है और उनका माइक बंद कर दिया जाता है, वहीं सत्तापक्ष के सांसदों को नियमों के खिलाफ जाकर बोलने की पूरी छूट दी जा रही है। प्रियंका गांधी ने इसे 'लोकतंत्र का अनादर' करार देते हुए कहा कि सरकार संसद को अपनी मर्जी से चलाना चाहती है। वहीं सपा सांसद राजीव राय ने नेहरू और इंदिरा गांधी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताते हुए माइक बंद किए जाने की प्रक्रिया को पक्षपाती बताया।
दूसरी ओर, राज्यसभा में माहौल कुछ अलग रहा। वहां केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने अमेरिका के साथ हाल ही में हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील पर आधिकारिक बयान दिया। हालांकि, वहां भी विपक्ष ने पीयूष गोयल के पिछले बयानों को लेकर विरोध दर्ज कराया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ विवादित किताबें लहराए जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। सूत्रों के अनुसार, आज लोकसभा अध्यक्ष के चैंबर में भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
सरकार ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि देश की जनता देख रही है कि कैसे विपक्ष महत्वपूर्ण बजट सत्र में बाधा उत्पन्न कर रहा है। उनके पास सकारात्मक विचारों की कमी है, इसलिए वे केवल शोर मचा रहे हैं। अब सबकी नजरें कल की कार्यवाही पर टिकी हैं, जब प्रधानमंत्री फिर से अपना जवाब देने की कोशिश कर सकते हैं।