फगवाड़ा (पंजाब): पंजाब के फगवाड़ा स्थित एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कैंपस में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक छात्र ने नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान फिल्लौर के गांव सलेमखुर्द निवासी निखिल के रूप में हुई है। दिल दहला देने वाली इस घटना से पहले छात्र ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर Suicide Status अपडेट किया था, जिसमें उसने अपनी मौत का संकेत दिया था। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर और छात्र के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निखिल रोजाना की तरह सोमवार सुबह यूनिवर्सिटी आया था। दोपहर के समय उसने अचानक बिल्डिंग की छत से छलांग लगा दी। गिरने की आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मी और अन्य छात्र मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही Phagwara Police की टीम डीएसपी भारत सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि निखिल पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान (Depression) चल रहा था।
सुसाइड स्टेटस का खुलासा: डीएसपी फगवाड़ा भारत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान छात्र के मोबाइल स्टेटस से सुसाइड के बारे में अहम सुराग मिले हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि छात्र की परेशानी की मुख्य वजह क्या थी और क्या उसे किसी ने उकसाया था।
शव का पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर फगवाड़ा के Civil Hospital में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है। परिजनों के बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
परिजनों का बुरा हाल: इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि निखिल ऐसा कदम उठा सकता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में Student Counseling और मानसिक स्वास्थ्य सहायता (Mental Health Support) की उपलब्धता अनिवार्य होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस अब छात्र के सहपाठियों और दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है ताकि उसकी परेशानी के असली कारणों का पता चल सके।