चंडीगढ़/मोगा: पंजाब की राजनीति में आने वाले कुछ दिन बड़े बदलावों के संकेत दे रहे हैं। मोगा के किल्ली चाहलां में सोमवार (16 फरवरी) को आयोजित Aam Aadmi Party (AAP) की मेगा 'एंटी-ड्रग' रैली के बाद राज्य में दो उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाए जाने की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी हाईकमान और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच एक अनुसूचित जाति (SC) और एक सवर्ण नेता को डिप्टी सीएम बनाने के प्रस्ताव पर रायशुमारी चल रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए दलित समुदाय को साधने के लिए Dalit Deputy CM का चुनावी वादा अब पूरा किया जा सकता है।
इस राजनीतिक हलचल के बीच मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की सेहत को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। रविवार को हाई ब्लड प्रेशर और थकान के चलते उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए अस्पताल से छुट्टी लेकर सीधे मोगा रैली में हिस्सा लिया और नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया। लेकिन रैली को संबोधित करने के बाद उनकी तबीयत फिर से नासाज हो गई और उन्हें दोबारा Fortis Hospital में ऑब्जर्वेशन के लिए एडमिट कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं और वे विशेषज्ञों की देखरेख में हैं।
कैबिनेट में फेरबदल और नई रणनीति
दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला: चर्चा है कि पंजाब सरकार में सामाजिक संतुलन बनाने के लिए दो उपमुख्यमंत्री पद सृजित किए जा सकते हैं। इनमें से एक चेहरा Harpal Singh Cheema या किसी अन्य प्रमुख दलित नेता का हो सकता है, जबकि दूसरा पद किसी जाट या हिंदू चेहरे को मिल सकता है।
संगठनात्मक बैठक: मोगा रैली के बाद मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में विधायकों और हल्का प्रभारियों की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) के सदस्यों को भी शामिल किया गया है, जो 'नशा मुक्त पंजाब' अभियान के मुख्य स्तंभ हैं।
मिशन 2027: चुनावों में अब लगभग एक साल का समय बचा है। ऐसे में War Against Drugs 2.0 को एक बड़े जन-आंदोलन (Lok Lehar) के रूप में पेश कर आप सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाना चाहती है।
मोगा की यह रैली शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ आने वाले कैबिनेट फेरबदल (Cabinet Reshuffle) का आधार भी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अस्पताल से वापस आने के बाद भी जिस तरह रैली को संबोधित किया, उसने कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है। अब सबकी नजरें आगामी कैबिनेट मीटिंग और पार्टी के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं, जो पंजाब की सत्ता संरचना को पूरी तरह बदल सकता है।