विक्रम-1 की ऐतिहासिक उड़ान पर देश के शीर्ष नेताओं ने दी बधाई: पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने स्काईरूट की सफलता को सराहा



श्रीहरिकोटा: भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण यानी 'मिशन आगमन' की गूंज देश के शीर्ष राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे रही है। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह सहित कई दिग्गजों ने स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) की पूरी टीम को बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा का एक अहम पड़ाव बताया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे Private Space Sector की बढ़ती भागीदारी नए रास्ते खोल रही है और इनोवेशन को बढ़ावा दे रही है, जो देश के अनगिनत युवाओं को बड़े सपने देखने और निडर होकर इनोवेशन करने के लिए प्रेरित करेगी।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस कामयाबी की सराहना करते हुए कहा कि अंतरिक्ष तक पहुंच को आसान बनाने के पीएम मोदी के विजन को साकार करने की दिशा में यह एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि यह स्वदेशी तकनीकी क्षमता भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को और मजबूत करेगी तथा वैश्विक स्तर पर भारत का कद बढ़ाएगी। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत के Space Ecosystem को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर की शुरुआत बताया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह कामयाबी हमारे युवा इनोवेटर्स की प्रतिभा, भारतीय कंपनियों की बढ़ती क्षमताओं और अंतरिक्ष सुधारों के सकारात्मक असर को बखूबी दर्शाती है।

इस गौरवशाली अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी स्काईरूट एयरोस्पेस, ISRO और इन-स्पेस की संयुक्त दूरदर्शिता व अथक प्रयासों की सराहना की। नेताओं ने कहा कि एसडीएससी-एसएचएआर (SDSC-SHAR) से हुई इस लॉन्चिंग ने भारत की तेजी से विस्तार करती अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था की अपार क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा-क्षमता को साबित कर दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसे आत्मनिर्भर भारत और वैज्ञानिक उत्कृष्टता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए वैज्ञानिकों को बधाई दी, जो 'विकसित भारत' के संकल्प को और सशक्त करेगा।



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