कुल्लू (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही जिला कुल्लू में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम मौसम पूर्वानुमान के आधार पर उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अध्यक्ष अनुराग चन्द्र शर्मा ने जिले में संभावित भारी से अत्यधिक भारी वर्षा को देखते हुए सभी सरकारी विभागों, जलविद्युत परियोजनाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को 24 घंटे पूर्ण सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में खराब मौसम के चलते किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मौसम विभाग द्वारा जारी विस्तृत बुलेटिन के अनुसार, कुल्लू जिले के लिए 18 जुलाई को येलो अलर्ट, 19 से 21 जुलाई तथा 23 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 22 जुलाई को रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जिसके दौरान जिले के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इस भारी वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (Flash Flood), खतरनाक भूस्खलन (Landslide), नदियों-नालों के जलस्तर में तीव्र वृद्धि और प्रमुख संपर्क मार्गों के अवरुद्ध होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इसके साथ ही बिजली, पेयजल और दूरसंचार जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा ने सभी उपमंडल अधिकारियों (SDMs) और विभागाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में पर्याप्त जनशक्ति तथा भारी मशीनरी (जेसीबी आदि) की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर उन्हें तुरंत बहाल किया जा सके। उन्होंने स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले Tourists (पर्यटकों) से विशेष अपील की है कि वे नदी-नालों के समीप जाने की भूल कतई न करें, अनावश्यक यात्राओं से बचें और संवेदनशील ढांगों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) कुल्लू को भी एक्टिव कर दिया गया है जो हर पल की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।