बेंगलुरु: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चेन्नम्मा देवेगौड़ा का शनिवार शाम बेंगलुरु के ओल्ड एयरपोर्ट रोड स्थित एक निजी अस्पताल में गंभीर हृदयाघात (Heart Attack) के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष से अधिक उम्र की थीं। अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्हें बुधवार रात को श्वास संबंधी गंभीर बीमारी (Respiratory Illness) के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल (Manipal Hospital) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए थी और उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद भी जताई जा रही थी, लेकिन शनिवार शाम करीब 4:00 बजे अचानक आए दिल के दौरे के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
दुखद समाचार मिलते ही पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा, उनके सुपुत्र और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी (H. D. Kumaraswamy) सहित परिवार के तमाम वरिष्ठ सदस्य अस्पताल पहुंच गए। चेन्नम्मा का विवाह वर्ष 1954 में देवेगौड़ा से हुआ था और वे इस प्रमुख सियासी परिवार की एक मजबूत धुरी थीं। उनके परिवार में चार बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी और हासन जिले की होलानरसिपुर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक एच. डी. रेवन्ना शामिल हैं। एक अत्यंत प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद, चेन्नम्मा ने जीवन भर खुद को चकाचौंध से दूर रखा और वे ज्यादातर सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने से बचती रहीं।
चेन्नम्मा देवेगौड़ा के जीवन से जुड़ा एक और पहलू यह भी है कि वे फरवरी 2001 में हुए एक जानलेवा तेजाब हमले (Acid Attack) से बाल-बाल बच गई थीं, जो उस समय एक पारिवारिक विवाद के कारण सुर्खियों में आया था। उनके निधन की खबर से पूरे कर्नाटक और देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित कई वरिष्ठ राजनेताओं ने देवेगौड़ा परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक निवास स्थान ले जाया जा रहा है।