नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन में अब सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके भी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। अनशन के दूसरे दिन आज यानी रविवार, 19 जुलाई को अपनी सेहत का हवाला देते हुए दीपके ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल करना बेहद मुश्किल काम है और महज दूसरे ही दिन उनकी हालत खराब होने लगी है।
दिल्ली पुलिस द्वारा एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने खुद मोर्चा संभालते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Hunger Strike) का ऐलान किया था। जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि आज उनके अनशन का दूसरा दिन है और अब उन्हें असलियत समझ आ रही है कि भूखे रहना कितना कठिन होता है। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि सोनम सर और अन्य प्रदर्शनकारी इतने दिनों से कैसे अनशन पर बैठे हैं।
कल संसद घेराव के लिए बचा रहे हैं अपनी ताकत
अभिजीत दीपके ने आगे बताया कि भूख हड़ताल पर होने के कारण वह वहां मौजूद लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं कर पा रहे हैं और न ही सबसे व्यक्तिगत रूप से मिल पा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि वह अपनी पूरी ताकत को बचाकर रख रहे हैं ताकि 20 जुलाई यानी सोमवार को होने वाले बड़े संसद मार्च (संसद घेराव) में पूरी ऊर्जा के साथ शामिल हो सकें। आपको बता दें कि नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन को लेफ्ट के विभिन्न छात्र संगठनों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है और कई छात्र पहले से ही वहां हंगर स्ट्राइक पर बैठे हुए हैं।
20 जुलाई को सीजेपी का महामार्च, वांगचुक की पत्नी करेंगी नेतृत्व
कॉकरोच जनता पार्टी ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि 20 जुलाई को होने वाला संसद मार्च अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। इस बीच, अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी पुष्टि कर दी है कि वह खुद इस संसद मार्च का नेतृत्व करने मैदान में उतरेंगी।
गौरतलब है कि 28 जून से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने मेडिकल सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था, जिसके बाद से ही दीपके ने पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए अपना अनशन शुरू किया है।