शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 20 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक (Cabinet Meeting) में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तारीखों पर मुहर लगने की प्रबल संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, मानसून सत्र का शुभारंभ 15 अगस्त के बाद किया जा सकता है, जिसमें 10 से 12 महत्वपूर्ण बैठकें होने का अनुमान है। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में मानसून से निपटने की तैयारियों और विभिन्न विभागों की तरफ से आने वाले अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।
प्रदेश में वर्तमान में धीमे पड़े मानसून के अब एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर सरकार जिला प्रशासनों को आवश्यक तैयारियां मुकम्मल करने के सख्त निर्देश दे चुकी है। आपदा से निपटने के लिए अभी से ही राज्य के संवेदनशील स्थानों पर भारी मशीनरी एवं आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है।
बिना पंजीकरण चल रहे इंटरनेट मीडिया चैनलों पर कसेगा शिकंजा
कैबिनेट बैठक में एक और बेहद संवेदनशील विषय पर चर्चा होने की संभावना है, जो इंटरनेट मीडिया (Internet Media Platforms) के नियमन से जुड़ा है। राज्य सरकार इसे कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक गंभीर मुद्दा मानकर चल रही है। बैठक में बिना किसी आधिकारिक पंजीकरण (Registration) के चल रहे इंटरनेट मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने संबंधी बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
इस नए कदम के तहत, यदि कोई बिना रजिस्ट्रेशन के सनसनीखेज, भ्रामक, तथ्यहीन और समाज में अशांति या वैमनस्य फैलाने वाली खबरें प्रसारित करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा, बैठक में CBSE शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े विषय पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सुक्खू चंडीगढ़ रवाना, जनता की सुनीं समस्याएं
इस बीच, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एक तय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शिमला से चंडीगढ़ रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री रात्रि को हिमाचल भवन चंडीगढ़ में विश्राम करेंगे और रविवार को वापस शिमला लौट आएंगे।
चंडीगढ़ रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने शिमला में सचिवालय और अपने आवास पर आम जनता तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना तथा अधिकारियों को उनके त्वरित निवारण के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।