वृंदावन में ऐतिहासिक शुरुआत: बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के लिए हुई पहली रजिस्ट्री, सुगम दर्शन का सपना होगा साकार



मथुरा/वृंदावन: कान्हा की नगरी वृंदावन में ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के भक्तों के लिए शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 का दिन बेहद खास रहा। बहुप्रतीक्षित 'श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर' के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भूमि की पहली आधिकारिक रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन के साझा प्रयासों से बिहारी पुरा क्षेत्र की संपत्ति संख्या-25 के एक हिस्से (69.26 वर्ग मीटर) का विक्रय-विलेख (Sale Deed) तहसीलदार सदर के पक्ष में निष्पादित किया गया। गोस्वामी परिवार के सदस्यों—यति गोस्वामी, अभिलाष गोस्वामी और अनिकेत गोस्वामी ने इस पुनीत कार्य के लिए सहर्ष अपनी भूमि समर्पित की। जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह ने इसे कॉरिडोर निर्माण के संकल्प को धरातल पर उतारने की एक निर्णायक शुरुआत बताया है।

The proposed corridor aims to blend ancient divinity with modern infrastructure, ensuring a safe and hassle-free darshan experience for the millions of devotees visiting Vrindavan. न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति में प्रशासन, पुलिस और पुरातत्व विभाग के साथ-साथ गोस्वामी समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह प्रोजेक्ट वृंदावन की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाएगा और संकरी गलियों में होने वाली भीड़भाड़ व सुरक्षा जोखिमों को कम करेगा। कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल और सुलभ प्रवेश-निकासी द्वार जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि जो लोग स्वेच्छा से अपनी जमीन पहले प्रदान करेंगे, उन्हें भविष्य की सुविधाओं में वरीयता दी जाएगी।

The construction of the corridor is expected to provide a massive boost to religious tourism and create new employment opportunities for local residents. नए होटलों, रेस्टोरेंटों और हस्तशिल्प की दुकानों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी में वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ नगर आयुक्त जग प्रवेश और एसएसपी श्लोक कुमार भी शामिल हैं, जो परियोजना की बारीकियों पर नजर रखे हुए हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस पवित्र कार्य में सहयोग करें ताकि ठाकुर जी के भक्तों के लिए दर्शन की राह आसान हो सके। इस कॉरिडोर के बनने के बाद वृंदावन न केवल एक धार्मिक केंद्र बल्कि वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर एक आधुनिक तीर्थ स्थल के रूप में उभरेगा।


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