एशिया में फिर कांपी धरती: अफगानिस्तान और म्यांमार में आए भूकंप के कई झटके, टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल ने बढ़ाई चिंता


नई दिल्ली/काबुल: एशिया के दो सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों, अफगानिस्तान और म्यांमार में रविवार, 18 जनवरी 2026 को भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, अफगानिस्तान में सुबह 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर नीचे था। Afghanistan has been experiencing a series of tremors lately, with a 4.2 magnitude quake on January 15 and a 3.8 magnitude one on January 14, highlighting the region's extreme vulnerability. विशेषज्ञों का मानना है कि उथली गहराई (shallow depth) पर आने वाले भूकंप अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि इनकी ऊर्जा सीधे धरातल पर तबाही मचाती है। अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रिय सीमा पर स्थित होने के कारण अक्सर इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता है।

इसी कड़ी में म्यांमार में भी रविवार को 3.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 65 किलोमीटर दर्ज की गई। म्यांमार पिछले कुछ दिनों से लगातार भूकंपीय हलचल का केंद्र बना हुआ है, जहाँ 15 जनवरी को 4.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली उथला भूकंप भी महसूस किया गया था। Myanmar lies at the junction of four major tectonic plates—Indian, Eurasian, Sunda, and Burma—making it one of the most earthquake-prone zones in Southeast Asia. यहाँ का 1,400 किलोमीटर लंबा 'सागाइंग फॉल्ट' (Sagaing Fault) देश के प्रमुख शहरों जैसे मांडले और यांगून के लिए निरंतर खतरा बना हुआ है, जहाँ म्यांमार की लगभग आधी आबादी निवास करती है।

संयुक्त राष्ट्र (UNOCHA) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन आपदाओं के प्रति चेतावनी जारी की है। दशकों के संघर्ष और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण अफगानिस्तान में भूकंप बड़ी मानवीय त्रासदी का रूप ले सकते हैं। International health agencies have warned that displaced populations after such quakes are at a high risk of contracting waterborne diseases, TB, and other infections due to lack of sanitation. वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दोनों देशों में लगातार आ रहे झटके किसी बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं, जिसके लिए राहत और बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रहने की आवश्यकता है।



Previous Post Next Post