कांगड़ा की पौंग झील में पर्यटन को लगेंगे पंख: पर्यावरण संरक्षण के साथ शुरू होंगी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां, विभागों के बीच हुआ एमओयू

 



कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध पौंग झील में पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाई देने के लिए सरकार ने कदमताल तेज कर दी है। पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता (Biodiversity) को ध्यान में रखते हुए, डिस्ट्रिक्ट वाटर स्पोर्ट्स एंड अलाइड एक्टिविटीज सोसायटी और वाइल्ड लाइफ की बायो डायवर्सिटी कन्जर्वेशन सोसायटी के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) साइन होने जा रहा है। This strategic agreement aims to develop sustainable tourism models that provide recreational opportunities while ensuring the protection of the local ecosystem and migratory bird habitats. इस समझौते के बाद एक विस्तृत मैनेजमेंट प्लान के तहत उन संभावित गतिविधियों की पहचान की जाएगी जो क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुँचाए बिना संचालित की जा सकें।

योजना के तहत पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने पर जोर दिया जा रहा है। जिला पर्यटन अधिकारी (DTO) विनय धीमान ने बताया कि वर्तमान में पौंग झील में एक पंजीकृत कंपनी के माध्यम से शिकारा, स्पीड बोट और पैडल बोट का सफल संचालन शुरू कर दिया गया है। The upcoming management plan will explore additional eco-friendly adventure sports and activities that can boost the local economy and attract international travelers to the Ramsar site. इन गतिविधियों के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शोर और मानवीय हस्तक्षेप से झील की जैव विविधता और वहां आने वाले प्रवासी पक्षियों पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।

पर्यटन विभाग का मानना है कि इस नई कवायद से कांगड़ा जिले में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। Biodiversity conservation remains the top priority, and all upcoming tourism projects will undergo rigorous environmental impact assessments before implementation. एमओयू साइन होने के बाद पौंग झील को एक प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य युद्ध स्तर पर शुरू होगा।



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