अंबाला: अंबाला शहर के बलदेव नगर थाना क्षेत्र में 10 जनवरी को हुई कार में आग लगने की घटना ने अब एक नया और विवादास्पद मोड़ ले लिया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर 'खालिस्तान लिबरेशन आर्मी' नामक संगठन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संगठन ने इस आगजनी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। वीडियो में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि यह एक धमाका था जिसमें पुलिसकर्मियों की जान गई है। हालांकि, अंबाला के पुलिस अधीक्षक (SP) ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह वीडियो पूरी तरह से 'एडिटेड' और भ्रामक नजर आ रहा है।
The Superintendent of Police clarified that the claims made in the viral video are baseless and factless, aimed at creating unnecessary panic. इसी बीच, इस मामले में एक अंतरराष्ट्रीय एंगल भी जुड़ता दिख रहा है। पाकिस्तान से शहजाद भट्टी नामक एक व्यक्ति ने अपना वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि उसे इस घटना में जबरन घसीटा जा रहा है। भट्टी का दावा है कि पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और उसके खिलाफ साजिश रची जा रही है, जबकि उसका इस अग्निकांड से कोई लेना-देना नहीं है। इन विरोधाभासी बयानों ने सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी है।
Police authorities have stated that a thorough investigation is underway to verify the authenticity of all social media claims and the origin of these videos. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक फॉरेंसिक और तकनीकी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल, पुलिस की साइबर सेल इन वीडियो की लोकेशन और उन्हें अपलोड करने वाले अकाउंट्स की पड़ताल कर रही है। अंबाला प्रशासन ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे बिना पुष्टि के ऐसी संवेदनशील खबरों को साझा न करें, क्योंकि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।