डिब्रूगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने असम के डिब्रूगढ़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राहुल गांधी द्वारा असम की पारंपरिक पहचान 'गमछा' (गामोसा) न पहनने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने असम कांग्रेस की चुप्पी पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब राहुल गांधी ने पूर्वोत्तर की संस्कृति का सम्मान नहीं किया, तो स्थानीय नेता खामोश क्यों हैं? शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम ने United Nations जैसे वैश्विक मंचों पर भी गमछा पहनकर नॉर्थ-ईस्ट के गौरव को बढ़ाया है, जबकि राहुल गांधी के व्यवहार से उनकी "नॉर्थ-ईस्ट विरोधी" सोच उजागर होती है।
अमित शाह ने सांस्कृतिक विवाद के साथ-साथ अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक अवैध प्रवासियों को केवल अपने Vote Bank के रूप में इस्तेमाल किया और सीमावर्ती राज्यों की सुरक्षा के साथ समझौता किया। शाह ने चुनावी हुंकार भरते हुए कहा कि भाजपा सरकार असम से चुन-चुनकर घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी बनाने और वहां 250 एकड़ में नए विधानसभा परिसर की आधारशिला रखने के फैसले को ऐतिहासिक बताया।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे भाजपा की "चुनिंदा राजनीति" करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने कार्यक्रम की शुरुआत में गमछा पहना था और बाद में उसे उतार दिया था। पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा एक औपचारिक कार्यक्रम को बेवजह राजनीतिक रंग दे रही है ताकि Assam Assembly Elections से पहले जनता का ध्यान भटकाया जा सके। हालांकि, भाजपा इस मुद्दे को असमिया अस्मिता से जोड़कर कांग्रेस को रक्षात्मक मुद्रा में लाने की पूरी कोशिश कर रही है।