नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने नए साल 2026 के तोहफे के रूप में 'अमृत भारत II एक्सप्रेस' ट्रेनों के परिचालन और बुकिंग नियमों में क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन आधुनिक ट्रेनों के स्लीपर क्लास में अब 'आरएसी' (RAC) का झंझट पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि यात्रियों को अब एक बर्थ पर दो लोगों के बैठने वाली आधी-अधूरी सीट के बजाय केवल कन्फर्म बर्थ ही आवंटित की जाएगी। हालांकि, रेलवे ने स्लीपर क्लास के लिए 'न्यूनतम दूरी' का नियम लागू किया है, जिसके तहत 200 किलोमीटर से कम की यात्रा करने पर भी यात्री को 149 रुपये का न्यूनतम किराया देना होगा। यह नियम कम दूरी के यात्रियों की जेब पर थोड़ा बोझ बढ़ा सकता है, जबकि लंबी दूरी के यात्रियों के लिए सफर अधिक सुविधाजनक होगा।
The new guidelines emphasize a streamlined booking process by limiting the quota system to only three categories: Women, Divyangjan, and Senior Citizens. रेलवे ने लोअर बर्थ आवंटन में भी पारदर्शिता लाने के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम अपडेट किया है, जो 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों और 45 वर्ष से अधिक की महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर निचली बर्थ प्रदान करेगा। इसके साथ ही, जनरल क्लास के लिए न्यूनतम दूरी 50 किलोमीटर और किराया 36 रुपये निर्धारित किया गया है। सुपरफास्ट और रिजर्वेशन चार्ज इन बेसिक किरायों के अतिरिक्त देय होंगे।
To enhance the digital experience, the railways have set a target to process ticket refunds within 24 hours of cancellation. इसके लिए डिजिटल भुगतान को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि रिफंड सीधे यात्री के बैंक खाते में बिना किसी देरी के पहुंच सके। काउंटर टिकटों के लिए भी डिजिटल पेमेंट पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से न केवल रेल संचालन में सुगमता आएगी, बल्कि यात्रियों को एक प्रीमियम और पारदर्शी यात्रा अनुभव भी प्राप्त होगा। अमृत भारत II एक्सप्रेस अपनी उच्च गति और आधुनिक सुविधाओं के साथ भारतीय रेलवे के 'न्यू इंडिया' विजन का एक अहम हिस्सा बनने जा रही है।