Apple बनाम सीसीआई: दिल्ली हाईकोर्ट में 27 जनवरी को निर्णायक सुनवाई, $38 बिलियन के संभावित जुर्माने पर टिकी दुनिया की नजर

 


नई दिल्ली: टेक दिग्गज एप्पल (Apple Inc.) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के बीच चल रही कानूनी जंग अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। एप्पल ने दिल्ली हाईकोर्ट में सीसीआई की उन शक्तियों को चुनौती दी है, जिसके तहत आयोग किसी कंपनी के केवल भारत के राजस्व के बजाय उसके 'ग्लोबल टर्नओवर' (वैश्विक कारोबार) के आधार पर जुर्माना लगा सकता है। एप्पल का तर्क है कि भारत में कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के लिए पूरी दुनिया की कमाई पर जुर्माना लगाना "मनमाना, असंवैधानिक और पूरी तरह से अनुपातहीन" है। यदि अदालत सीसीआई के पक्ष में फैसला देती है, तो एप्पल पर करीब $38 बिलियन (लगभग 3.2 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना लग सकता है, जो इसके वैश्विक राजस्व का 10% तक हो सकता है।

The legal dispute stems from a 2024 investigation which found Apple guilty of 'abusive conduct' in the iOS App Store market, including forcing developers to use its proprietary payment system and charging high commissions. सीसीआई ने हाल ही में एप्पल को एक 'अंतिम चेतावनी' (Final Warning) जारी की है, जिसमें कंपनी पर जांच में देरी करने का आरोप लगाया गया है। नियामक का कहना है कि एप्पल एक साल से अधिक समय से जवाब देने में टालमटोली कर रहा है। सीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले हफ्ते तक कंपनी ने अपनी आपत्तियां और वित्तीय विवरण जमा नहीं किए, तो आयोग एकतरफा कार्रवाई (Unilateral Action) करते हुए अपना अंतिम फैसला सुना देगा। दूसरी ओर, एप्पल ने हाईकोर्ट से इस पूरी कार्यवाही पर तब तक रोक लगाने की मांग की थी जब तक कि जुर्माने के नियमों पर स्पष्टता न आ जाए, जिसे सीसीआई ने खारिज कर दिया है।

Legal experts believe this case will set a major precedent for how "Big Tech" firms like Google, Amazon, and Meta are regulated in India's rapidly growing digital economy. दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं, ने केंद्र सरकार और सीसीआई से इस मामले पर जवाब मांगा है। अदालत ने मौखिक टिप्पणी में यह सवाल भी उठाया कि क्या एक उत्पाद की गड़बड़ी के लिए कंपनी के सभी उत्पादों के वैश्विक टर्नओवर को शामिल करना उचित है। 27 जनवरी 2026 को होने वाली सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन अदालत तय कर सकती है कि क्या सीसीआई की जांच पर अंतरिम रोक लगाई जानी चाहिए या एप्पल को इस नए सख्त नियम के तहत कार्यवाही का सामना करना होगा।



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