Apple पर सीसीआई की आखिरी चेतावनी: 32 लाख करोड़ के संभावित जुर्माने के बीच जांच में देरी पर नियामक सख्त



नई दिल्ली: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने दिग्गज टेक कंपनी ऐपल (Apple) को एक बेहद सख्त और अंतिम चेतावनी जारी की है, जिसमें जांच प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया गया है। सीसीआई द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी एक गोपनीय आदेश के अनुसार, कंपनी अक्टूबर 2024 से बार-बार समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रही है, जिससे 2021 से चल रही एंटीट्रस्ट जांच बाधित हो रही है। Regulatory authorities stated that such "procedural indiscipline" cannot be tolerated indefinitely and have given Apple a one-week deadline to submit its objections and financial data. सीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ऐपल अगले हफ्ते तक जवाब नहीं देता है, तो आयोग उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा फैसला सुनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

यह पूरा विवाद ऐपल के इन-ऐप पेमेंट सिस्टम और ऐप स्टोर पर उसके एकाधिकार से जुड़ा है, जिस पर 2021 में भारतीय स्टार्टअप्स और 'टिंडर' की मूल कंपनी मैच ग्रुप ने शिकायत दर्ज कराई थी। 2024 की जांच रिपोर्ट में ऐपल को डेवलपर्स पर अनुचित शर्तें थोपने और प्रतिस्पर्धी भुगतान प्रणालियों को बाधित करने का दोषी पाया गया था। The most critical aspect of this case is the potential fine of up to $38 billion (approx. ₹3.2 lakh crore), as India’s new 2024 competition law allows penalties to be calculated based on a company’s global turnover rather than just local revenue. ऐपल ने इस कानून को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे असंवैधानिक बताया है, और कंपनी का तर्क है कि भारत में उसका बाजार हिस्सा एंड्रॉइड की तुलना में बेहद कम है।

वर्तमान में ऐपल और सीसीआई के बीच एक कानूनी गतिरोध बना हुआ है, क्योंकि ऐपल ने हाईकोर्ट में मामला लंबित होने तक सीसीआई की जांच पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे नियामक ने खारिज कर दिया है। Apple’s legal team reportedly views the latest CCI order as an attempt to preempt the High Court proceedings, and they are unlikely to respond before the next court hearing scheduled for January 27, 2026. यदि सीसीआई अपनी चेतावनी पर अमल करते हुए एकतरफा कार्रवाई करता है, तो यह भारत के डिजिटल बाजार और विदेशी तकनीकी कंपनियों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।



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