नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब रक्षात्मक रवैया छोड़कर पूरी तरह आक्रामक होने के लिए तैयार है। सेना प्रमुख ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए बताया कि कैसे भारतीय सेना ने दुश्मन की हिमाकत का निर्णायक जवाब दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना को कार्रवाई की पूरी स्वायत्तता दी गई है और अब पाकिस्तान की खोखली परमाणु धमकियों का भारत पर कोई असर नहीं होगा। सेना प्रमुख के अनुसार, यह ऑपरेशन भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का वैश्विक प्रमाण है।
Detailing the success of 'Operation Sindhu', the Army Chief shared that the retaliatory strike began within just 22 minutes of the Pahalgam terror attack. 10 मई तक चले 88 घंटों के इस सघन ऑपरेशन में भारतीय सेना ने दुश्मन के 9 में से 7 प्रमुख ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर जनरल द्विवेदी ने कहा कि घाटी अब आतंकवाद के साये से बाहर निकलकर पर्यटन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। साल 2025 में 31 आतंकवादियों का सफाया किया गया, जिनमें से 65% विदेशी मूल के थे। उन्होंने राहत जताते हुए बताया कि अब घाटी में स्थानीय आतंकियों की भर्ती लगभग समाप्त हो चुकी है और सक्रिय स्थानीय आतंकियों की संख्या दहाई के आंकड़े से भी नीचे आ गई है।
On the geopolitical front, General Dwivedi addressed the situation along the LAC, stating that while the border with China is stable and diplomatic talks are ongoing, constant vigilance remains paramount. म्यांमार सीमा पर जारी अस्थिरता को देखते हुए पूर्वोत्तर में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। एक बड़े रणनीतिक बदलाव की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अब कोर कमांडरों को विशेष अधिकार दिए गए हैं ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में दिल्ली के आदेश का इंतजार किए बिना तत्काल जवाबी कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, उन्होंने आपदा प्रबंधन में सेना की भूमिका की सराहना करते हुए बताया कि हाल ही में 10 राज्यों में राहत अभियान चलाकर सेना ने 30 हजार से ज्यादा नागरिकों की जान बचाई है।