छतरपुर: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल Bageshwar Dham में एक बार फिर मानवता की बड़ी मिसाल पेश की जा रही है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 300 गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बेटियों का भव्य सामूहिक विवाह कराएंगे। इस 'सप्तम कन्या विवाह महोत्सव' की खास बात यह है कि इसमें केवल भारत ही नहीं, बल्कि Nepal की एक बेटी भी परिणय सूत्र में बंधेगी। आयोजन का पूरा खर्च धाम की दान पेटी में आने वाली राशि से वहन किया जाएगा, जो सामाजिक सेवा का एक अनूठा उदाहरण है।
इस महोत्सव के लिए देश के 10 राज्यों के 60 जिलों से बेटियों का चयन किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 229 बेटियां Madhya Pradesh से हैं, जबकि 56 बेटियां उत्तर प्रदेश से शामिल हो रही हैं। चयनित कन्याओं में 60 ऐसी बेटियां हैं जो पूर्णतः अनाथ हैं, 138 के पिता नहीं हैं और 28 की माता का साया सिर से उठ चुका है। इसके अलावा, 8 दिव्यांग बेटियों और 39 अत्यंत गरीब परिवारों की कन्याओं को भी इस उत्सव का हिस्सा बनाया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि यदि देश के सभी मठ-मंदिर अपनी आय का एक हिस्सा ऐसे कार्यों में लगाएं, तो कोई भी बेटी समाज पर बोझ नहीं बनेगी।
विवाह की तैयारियों को लेकर धाम में भारी उत्साह है। रंजीता सेन, नीलू कुशवाहा, और सपना विश्वकर्मा जैसी 300 बेटियों के हाथों में जल्द ही मेहंदी लगेगी। इनके चयन की प्रक्रिया दिसंबर माह में ही पूर्ण कर ली गई थी, जिसमें वर और वधु पक्ष के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। Bageshwar Dham Sarkar द्वारा आयोजित यह सामूहिक विवाह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह जाति और संप्रदाय से ऊपर उठकर समाज के वंचित वर्ग को सम्मानजनक जीवन देने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।