बैजनाथ के ऐतिहासिक शिव मंदिर में आस्था का भव्य स्वरूप: 3 क्विंटल मक्खन से तैयार हुआ 4 फुट ऊँचा 'घृत मंडल', चर्म रोगों के लिए रामबाण माना जाता है यह दिव्य प्रसाद



बैजनाथ: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ में मकर संक्रांति का पर्व पारंपरिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए मुख्य शिवलिंग पर लगभग 3 क्विंटल शुद्ध देसी घी से तैयार माखन का लेप कर 4 फुट ऊँचा भव्य 'घृत मंडल' बनाया गया। मंदिर के पुजारियों की टोली ने मंत्रोच्चारण के साथ इस दिव्य अनुष्ठान को संपन्न किया। मंदिर परिसर को प्राकृतिक फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत लड़ियों से सजाया गया था, जहाँ सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्थानीय विधायक किशोरी लाल ने भी पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और भजन-कीर्तन समारोह में भाग लिया।

The spiritual 'Ghrit Mandal' at the Baijnath temple is not just a religious symbol but is deeply rooted in ancient beliefs regarding health and healing. विशेषज्ञों और स्थानीय चिकित्सकों के अनुसार, 108 बार ठंडे जल से धोए गए इस मक्खन को मेवों के साथ मिलाकर सात दिनों तक शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान घी औषधीय गुणों से भरपूर हो जाता है, जिसे चर्म रोगों (Skin Diseases) के निवारण में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह घृत मंडल 21 जनवरी तक शिवलिंग पर सुशोभित रहेगा, जिसके बाद इसे उतारकर भक्तों के बीच 'महाप्रसाद' के रूप में वितरित किया जाएगा।

The celebration extended beyond the main temple to other prominent shrines in the region, including the Mahakal and Mukut Nath temples, creating a widespread festive atmosphere. नव युवा शिव शक्ति मंडल द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में न केवल हिमाचल बल्कि बाहरी राज्यों के भक्तों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। जालपा ग्रुप के भजनों ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आयुर्वेद के प्रति अटूट विश्वास का भी प्रमाण है।



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