भागलपुर: बिहार के धार्मिक पर्यटन को विश्व पटल पर लाने के लिए भागलपुर के सुल्तानगंज में प्रदेश का पहला 'शिव कॉरिडोर' बनने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से रेलवे और जिला प्रशासन के बीच चल रहा भूमि विवाद अब 'लैंड एक्सचेंज' (भूमि अदला-बदली) नीति के तहत सुलझा लिया गया है। प्रशासन ने रेलवे की करीब 17.5 एकड़ जमीन के बदले उसे तीन अन्य स्थानों पर जमीन देने का निर्णय लिया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद सुल्तानगंज के प्रसिद्ध अजगैवीनाथ मंदिर के आसपास उज्जैन के महाकाल लोक और वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर भव्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। This project is set to transform Sultanganj into a world-class spiritual destination, providing modern amenities to millions of Kanwariyas.
कॉरिडोर निर्माण के साथ-साथ सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा की प्राकृतिक सुंदरता को पुनर्जीवित करने के लिए गंगा की धारा को पुराने 'सीढ़ी घाट' की ओर मोड़ने की एक महात्वाकांक्षी योजना पर भी काम शुरू हो गया है। जल संसाधन विभाग अरबों रुपये की लागत से नदी के बहाव को बदलने का इंजीनियरिंग कार्य कर रहा है, ताकि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए गंगा सीधे घाटों के पास उपलब्ध हो सकें। इस योजना के तहत नदी के पुराने रास्ते को गहरा किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए एक सुरक्षित जल क्षेत्र विकसित होगा। The massive river engineering project aims to ensure that the holy Ganges flows permanently alongside the ancient temple ghats.
[Image showing heavy machinery and excavators working on the banks of the Ganges to divert the river stream towards the historic stairs]
शिव कॉरिडोर परियोजना के तहत भव्य धर्मशालाओं, सुरक्षा केंद्रों, डिजिटल गैलरी और चौड़े रास्तों का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बड़ी मजबूती मिलेगी। जिला समाहर्ता ने भूमि हस्तांतरण का औपचारिक प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दिया है, जिसकी मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। जानकारों का मानना है कि यह कॉरिडोर सुल्तानगंज की पहचान को केवल एक तीर्थ नगरी से बदलकर एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। Once completed, this corridor will offer a seamless and divine experience for pilgrims traveling from Sultanganj to Deoghar.