नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: अब घर बैठे होगी जमीन की रजिस्ट्री, 80+ बुजुर्गों को दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति


पटना: बिहार के बुजुर्गों के लिए नीतीश सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए 'घर बैठे जमीन रजिस्ट्री' की नई व्यवस्था का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 'सात निश्चय-3' के तहत घोषणा की है कि 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को अपनी जमीन या फ्लैट के निबंधन (रजिस्ट्री) के लिए अब सरकारी दफ्तरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस नई पहल का उद्देश्य शारीरिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं से राहत दिलाना और उनके सम्मान की रक्षा करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कई बार गंभीर बीमारियों या वृद्धावस्था के कारण बुजुर्गों को निबंधन कार्यालय पहुंचने में भारी कठिनाई होती थी, जिसे देखते हुए यह सरलीकरण किया गया है।

The new system, set to be implemented from April 1, 2026, will utilize Mobile Registration Units under the Prohibition, Excise, and Registration Department to provide on-site services. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद विभाग की टीम स्वयं उनके घर पहुंचेगी और महज 7 दिनों के भीतर रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर दी जाएगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और बुजुर्गों को किसी भी प्रकार के बिचौलियों का सामना न करना पड़े।

Along with home registration, the government is also introducing a system to provide updated land information to both buyers and sellers to prevent fraud. अक्सर जमीन खरीदारों को संबंधित भूमि की वर्तमान स्थिति (अपडेटेड जानकारी) पता नहीं होती थी, जिससे विवाद पैदा होते थे। अब निबंधन विभाग आवेदन मिलने पर सीधे अंचल कार्यालय से भूमि की अद्यतन स्थिति प्राप्त कर क्रेता को उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री के इस निर्देश से न केवल धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी, बल्कि जमीन की खरीद-बिक्री की पूरी प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और सुगम हो जाएगी।



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