कलकत्ता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच इंडिया टुडे और सी-वोटर के ताजा सर्वे 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) ने राज्य का सियासी पारा गरमा दिया है। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, यदि आज की तारीख में चुनाव होते हैं, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखती नजर आ रही है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के वोट शेयर में मामूली बढ़त देखी गई है, लेकिन सीटों के मामले में 'दीदी' का किला अब भी अभेद्य बना हुआ है। सर्वे के अनुसार, लोकसभा सीटों के आधार पर टीएमसी को 28 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा 14 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रह सकती है।
वोट शेयर की बात करें तो भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को 42% वोट मिलने का अनुमान जताया गया है, जो 2024 के मुकाबले 3% की बढ़त है। वहीं, टीएमसी के वोट बैंक में भद्रलोक और मुस्लिम मतदाताओं की एकजुटता बनी हुई है। सी-वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख का कहना है कि बंगाल अब पूरी तरह से 'द्विध्रुवीय मुकाबले' (Bipolar Contest) की ओर बढ़ चुका है, जहाँ ध्रुवीकरण की राजनीति ने टीएमसी और भाजपा के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है। अगस्त 2025 के सर्वे के मुकाबले भाजपा ने अपनी स्थिति में थोड़ा सुधार किया है, लेकिन सत्ता परिवर्तन की लहर फिलहाल राज्य में नजर नहीं आ रही है।
विधानसभा चुनाव से ठीक दो महीने पहले आए इस सर्वे ने विपक्षी खेमे में हलचल तेज कर दी है। भाजपा जहाँ हिंदुत्व, महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर 'मिशन मोड' में काम कर रही है, वहीं ममता बनर्जी अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं के दम पर जमीन मजबूत किए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सर्वे जनता के तात्कालिक मूड का संकेत है, लेकिन अंतिम परिणाम उम्मीदवारों के चयन और ऐन वक्त पर होने वाले राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेंगे। फिलहाल बंगाल की सियासत 'मां, माटी, मानुष' और 'जय श्री राम' के नारों के बीच सिमटी हुई है।