बीजेपी को बीएमसी में पहली बार बहुमत: फडणवीस और शिंदे के जाल में फंसे ‘ठाकरे ब्रदर्स’, मुंबई में तीन दशक बाद सत्ता परिवर्तन


मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव नतीजों के रुझानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे दिया है। 16 जनवरी 2026 को हुई मतगणना के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले 'महायुति' गठबंधन ने बहुमत के आंकड़े (114) को पार कर लिया है। अब तक के रुझानों में महायुति 115 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिसमें अकेले बीजेपी 90 से ज्यादा सीटों पर आगे चलकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। यह तीन दशकों में पहली बार है जब शिवसेना (उद्धव गुट) का बीएमसी पर से एकाधिकार पूरी तरह खत्म होता दिख रहा है। देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की रणनीति के सामने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन (UBT+) फिलहाल 65-70 सीटों के आसपास ही सिमटता नजर आ रहा है।

The election results have delivered a significant blow to the Thackeray brothers in their own bastion, as the Mahayuti alliance surged ahead across Mumbai. चुनाव परिणामों में कई चौंकाने वाले नाम भी सामने आए हैं। गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली की बेटी योगिता गवली को बायकुला-चिंचपोकली (वार्ड 207) से हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक भी वार्ड 165 से चुनाव हार गए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने धारावी (वार्ड 183) जैसी सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। बीजेपी के इस 'महा-विजय' को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विजन और एकनाथ शिंदे के जमीनी आधार की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिसने मुंबई की सत्ता से ठाकरे परिवार का वर्चस्व लगभग समाप्त कर दिया है।

The wave of BJP's dominance is not limited to Mumbai; Nagpur and Pune have also seen a clean sweep by the saffron party. नागपुर में, जो आरएसएस का मुख्यालय है, बीजेपी ने 151 में से 94 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर अपनी सत्ता बरकरार रखी है। पुणे में भी शरद पवार और अजित पवार के संयुक्त प्रयासों के बावजूद बीजेपी गठबंधन 50 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है। बीएमसी में इस बहुमत का सीधा अर्थ है कि अब मुंबई का अगला मेयर बीजेपी का होगा। विश्लेषकों का मानना है कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार (मोदी-फडणवीस-शिंदे) के विकास मॉडल पर मुंबईकरों ने अपनी मुहर लगा दी है। दोपहर तक अंतिम नतीजे साफ हो जाएंगे, लेकिन वर्तमान रुझान 'ठाकरे राज' की विदाई की पुष्टि कर रहे हैं।



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