फोशान (चीन): दक्षिणी चीन के गुआंग्डोंग प्रांत के फोशान शहर में नोरोवायरस (Norovirus) ने हड़कंप मचा दिया है। शनिवार, 17 जनवरी 2026 को स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की कि शिंगहुई मिडिल स्कूल के 103 छात्र इस वायरस की चपेट में आ गए हैं। संक्रमित छात्रों में तीव्र पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखे गए हैं। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी छात्र की स्थिति गंभीर नहीं है और न ही किसी की जान गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे स्कूल परिसर को कीटाणुरहित (Disinfect) कर दिया है और छात्रों की सेहत पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में अक्टूबर से मार्च के बीच नोरोवायरस का प्रकोप सबसे अधिक रहता है।
Norovirus, often mistakenly called 'stomach flu', is a highly contagious virus causing acute gastroenteritis, primarily spreading through contaminated food, water, and direct person-to-person contact. वैश्विक स्तर पर यह वायरस हर साल लगभग 68.5 करोड़ लोगों को बीमार करता है, जिनमें से करीब 2 लाख लोगों की मौत हो जाती है। विशेष रूप से 5 साल से कम उम्र के बच्चे इसका आसान शिकार बनते हैं। चीन में सामने आए इस ताजा मामले के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और हाथों को नियमित रूप से धोने की सलाह दी है। नोरोवायरस का पहला बड़ा मामला 1968 में अमेरिका के नॉरवॉक शहर में देखा गया था, जिसके बाद से इसे ठंडे महीनों की एक प्रमुख बीमारी माना जाता है।
The economic impact of Norovirus is staggering, with global healthcare costs and productivity losses estimated at $60 billion annually. गुआंग्डोंग प्रांत के रोग नियंत्रण विभाग ने एक एपिडेमियोलॉजिकल सर्वे शुरू किया है ताकि संक्रमण के सटीक स्रोत का पता लगाया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस श्वसन तंत्र की बीमारी नहीं है, बल्कि सीधे पाचन तंत्र पर हमला करता है। गरीब और विकासशील देशों में संसाधनों की कमी के कारण इसका प्रभाव अधिक जानलेवा साबित होता है। फिलहाल, फोशान के सभी स्कूलों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि संक्रमण को अन्य संस्थानों में फैलने से रोका जा सके।