दिल्ली-एनसीआर में 'कोहरे और स्मॉग' का दोहरा वार: शून्य विजिबिलिटी से थमी रफ्तार, आनंद विहार में AQI 450 के पार



नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में शनिवार की सुबह कुदरत और प्रदूषण के दोहरे प्रहार ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह के समय छाये जबरदस्त घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटकर शून्य तक पहुंच गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। कोहरे की इस सफेद चादर के बीच 'जहरीली हवा' ने सांसों पर संकट खड़ा कर दिया है। प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 'ग्रेप-3' (GRAP-3) के नियमों को फिर से सख्ती से लागू कर दिया है, जिसके तहत निर्माण कार्यों और कुछ श्रेणियों के डीजल वाहनों पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया है।

The air quality index (AQI) has breached the 'severe' category in several locations, with Anand Vihar recording a dangerous level of 450. दिल्ली के पटपड़गंज में 440 और चांदनी चौक में 435 AQI दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। गाजियाबाद का वसुंधरा इलाका 437 और नोएडा का सेक्टर-1 क्षेत्र 418 AQI के साथ 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, हवा की गति कम होने और नमी बढ़ने के कारण प्रदूषक तत्व सतह के करीब ही जमा हो गए हैं। प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों की निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम की सैर से बचें, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी गई है।

Despite the implementation of GRAP measures, the combination of cold wave and atmospheric inversion is making it difficult for the smog to dissipate. मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक कोहरे और प्रदूषण का यह जानलेवा मेल बरकरार रह सकता है। अस्पतालों में सांस और एलर्जी के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। डॉक्टरों ने लोगों से बाहर निकलते समय N-95 मास्क का उपयोग करने की अपील की है। फिलहाल, दिल्ली और एनसीआर के निवासी सूरज की गर्मी और तेज हवाओं का इंतजार कर रहे हैं ताकि इस दमघोंटू वातावरण से कुछ राहत मिल सके।


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