बीजिंग: चीन में जनसंख्या संकट अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में चीन की कुल आबादी में 33.9 लाख की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद अब देश की कुल जनसंख्या 1.405 अरब रह गई है। यह लगातार चौथा वर्ष है जब चीन की आबादी में संकुचन देखा गया है। 1959-61 के भीषण अकाल के दौर को छोड़ दें तो यह आधुनिक चीन के इतिहास की सबसे बड़ी सालाना गिरावट मानी जा रही है। With births plummeting and deaths rising to 11.31 million, the figures reveal a rapidly aging nation where economic pressures and social shifts are discouraging young couples from starting families.
जनसंख्या विशेषज्ञों के लिए सबसे चिंताजनक पहलू जन्मदर में आई ऐतिहासिक गिरावट है। 2025 में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या 17% गिरकर मात्र 79.2 लाख रह गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 95.4 लाख था। चीन की क्रूड बर्थ रेट अब प्रति 1,000 व्यक्तियों पर मात्र 5.63 रह गई है, जो 1949 के बाद का सबसे निचला स्तर है। University of Wisconsin-Madison के जनसांख्यिकी विशेषज्ञ यी फुक्सियान ने चेतावनी दी है कि वर्तमान जन्मों की संख्या 1738 के स्तर के बराबर है, जब चीन की आबादी मात्र 15 करोड़ थी। गिरती जन्मदर का मुख्य कारण युवाओं का शादी से मोहभंग होना और बच्चों के पालन-पोषण की बढ़ती लागत को माना जा रहा है।
इस जनसांख्यिकीय बदलाव का असर चीन की आर्थिक संरचना पर भी पड़ रहा है। वर्तमान में चीन की 23% आबादी 60 वर्ष से अधिक उम्र की है, और अनुमान है कि 2035 तक यह संख्या 40 करोड़ के पार पहुंच जाएगी। कार्यबल में आ रही इस कमी से निपटने के लिए सरकार ने सेवानिवृत्ति की आयु (Retirement Age) बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत अब पुरुषों के लिए 63 वर्ष और महिलाओं के लिए 58 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। Despite government incentives like cash rewards for marriage and simplified registration rules, young Chinese people are increasingly hesitant to marry due to unemployment fears and the heavy burden of domestic debt.