रील बनाने का शौक पड़ा भारी: चकराता में 60 मीटर गहरी खाई में गिरी दिल्ली के पर्यटकों की कार, 15 वर्षीय किशोर की मौत


देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने का जुनून एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। रविवार को देहरादून जिले के कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें दिल्ली के एक 15 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई और एक ही परिवार के पांच अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि चलती कार में 'रील' बनाने के चक्कर में चालक का ध्यान भटका और अनियंत्रित होकर वाहन सीधे 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। ये सभी पर्यटक दिल्ली के संतनगर इलाके के रहने वाले थे और चकराता में बर्फबारी का आनंद लेकर वापस लौट रहे थे।

हादसे का शिकार हुए लोग आपस में रिश्तेदार हैं और मौज-मस्ती के लिए चकराता आए थे। मिली जानकारी के अनुसार, लालपुल के पास पहुंचते ही कार सवारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए मोबाइल से रील बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान चालक ने नियंत्रण खो दिया और देखते ही देखते कार खाई में समा गई। इस दुर्घटना में 15 वर्षीय वंश चावला की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों की पहचान मोहित कपूर, हेमा चावला, सुवाग्य कपूर, शौर्य कपूर और लीना कपूर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया पहुँचाया।

उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

घायलों में मोहित कपूर की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। कालसी पुलिस (Kalsi Police Investigation) ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रील बनाना ही हादसे का मुख्य कारण पाया गया है। उत्तराखंड पुलिस ने इस घटना के बाद एक बार फिर पर्यटकों से अपील की है कि वे पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और मोबाइल के उपयोग से बचें। चकराता सड़क हादसा (Chakrata Accident News) की इस घटना ने डिजिटल दिखावे के चक्कर में जान जोखिम में डालने के बढ़ते चलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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