शिमला: पहाड़ों की रानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर सोमवार को 77वां राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह अभूतपूर्व उत्साह और नवीनता के साथ मनाया गया। इस वर्ष का आयोजन हिमाचल के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया, क्योंकि समारोह के दौरान पहली बार आसमान से हेलीकॉप्टर के जरिए पुष्पवर्षा की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने तिरंगा फहराकर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच हिमाचल ने अपनी अटूट देशभक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन किया।
समारोह के मुख्य आकर्षणों में जेएंडके राइफल्स के लेफ्टिनेंट शाश्वत तिवारी के नेतृत्व में निकाली गई भव्य परेड रही। भारतीय सेना, आईटीबीपी (ITBP), एसएसबी (SSB) और हिमाचल पुलिस की टुकड़ियों के अनुशासित कदमताल ने दर्शकों में जोश भर दिया। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा निकाली गई झांकियों ने प्रदेश की विकास गाथा को जीवंत किया, वहीं स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने हिमाचली परंपराओं की छटा बिखेरी। सेना और पुलिस बैंड की राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत धुनों ने पूरे रिज मैदान को गुंजायमान कर दिया। आपदा प्रबंधन की टीमों और एनसीसी कैडेट्स ने भी मार्च पास्ट में भाग लेकर अपनी तत्परता का परिचय दिया।
सुरक्षा की दृष्टि से इस बार शिमला को एक अभेद्य किले में तब्दील किया गया था। डीआईजी संजीव कुमार गांधी के नेतृत्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (Shimla Police Security Alert) किए गए थे। धमकी भरे इनपुट के मद्देनजर शोघी चेकपोस्ट पर हर वाहन की सघन तलाशी ली गई और शहर के होटलों में रुकने वाले मेहमानों के आईडी रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई। मुख्य मंच की ओर जाने वाले रास्तों पर केवल पास धारकों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। प्रतिकूल मौसम के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने तिरंगे के सम्मान में आयोजित इस गौरवशाली समारोह का आनंद लिया।