नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर पिछले 24 घंटों के भीतर एयर इंडिया के दो अलग-अलग विमानों के साथ हुए हादसों ने यात्रियों की सांसें अटका दीं। पहली बड़ी घटना बुधवार देर रात की है, जब दिल्ली से सिंगापुर जा रही उड़ान संख्या AI-2380 के ऑक्सिलियरी पावर यूनिट (APU) में अचानक आग लगने की चेतावनी मिली। उस समय विमान में करीब 190 यात्री सवार थे। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को हवा में करीब एक घंटे तक चक्कर लगवाने के बाद रात 1 बजे सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कराया। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने तकनीकी खराबी की पुष्टि करते हुए यात्रियों को वैकल्पिक विमान से सिंगापुर भेजने और हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
The second alarming incident involved Air India's advanced A350 aircraft, which suffered significant engine damage on Thursday at the airport premises. रिपोर्ट के अनुसार, विमान के शक्तिशाली इंजन ने पास रखे एक भारी-भरकम लोहे के कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया, जिससे वह सीधे इंजन के भीतर जा घुसा। इस दौरान हुए नुकसान को विमान में सवार एक यात्री ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय विमान रनवे पर तेज रफ्तार में नहीं था, वरना यह एक विनाशकारी आपदा में बदल सकता था। सुरक्षा विशेषज्ञों ने ग्राउंड स्टाफ की चूक पर सवाल उठाए हैं कि इंजन के इतने करीब कंटेनर कैसे मौजूद था।
Air India has initiated a high-level internal probe into both incidents to identify if human error or technical fatigue was responsible for these back-to-back scares. डीजीसीए (DGCA) ने भी इन मामलों का संज्ञान लिया है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा के आदेश दिए हैं। 190 यात्रियों के लिए वह एक घंटा खौफनाक रहा जब विमान दिल्ली के आसमान में चक्कर लगा रहा था, लेकिन चालक दल के पेशेवर रवैये के कारण सभी सुरक्षित उतार लिए गए। फिलहाल दोनों प्रभावित विमानों को ग्राउंडेड (Grounded) कर दिया गया है और उनकी गहन तकनीकी जांच की जा रही है।