नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा सचिवालय और पंजाब पुलिस के बीच 'नेता प्रतिपक्ष' आतिशी से जुड़े एक विवादित वीडियो क्लिप मामले को लेकर तल्खी बढ़ गई है। सचिवालय ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को कड़ा पत्र भेजकर जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एफआईआर के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 10 जनवरी 2026 को जारी पिछले नोटिस के बावजूद पंजाब पुलिस ने अब तक मांगी गई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। दिल्ली विधानसभा के माननीय स्पीकर की मंजूरी के बाद जारी इस निर्देश ने पंजाब पुलिस के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। The legal standoff between the legislative secretariat and the law enforcement agency has intensified over the procedural details of the FIR.
सचिवालय ने पंजाब पुलिस को 28 जनवरी 2026 की समय-सीमा देते हुए कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है। इनमें वह मूल शिकायत जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई, एफआईआर की प्रमाणित कॉपी, पंजाब पुलिस की सोशल मीडिया एक्सपर्ट रिपोर्ट और सबसे महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट शामिल हैं। दिल्ली विधानसभा का मानना है कि इस मामले की गहराई से जांच के लिए इन तकनीकी साक्ष्यों का विधानसभा के समक्ष होना आवश्यक है। जालंधर पुलिस कमिश्नर द्वारा अब तक दी गई टिप्पणियों को अपर्याप्त मानते हुए स्पीकर ने सख्त रुख अख्तियार किया है। The requirement for forensic and expert reports indicates that the assembly is scrutinizing the technical authenticity of the video clip in question.
यह पूरा मामला आतिशी के एक कथित वीडियो क्लिप से शुरू हुआ था, जिस पर जालंधर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। अब दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने इस कार्रवाई के कानूनी आधार और साक्ष्यों की सत्यता पर सवाल उठाए हैं। जानकारों का कहना है कि यदि 28 जनवरी तक पंजाब पुलिस संतोषजनक जवाब और दस्तावेज नहीं भेजती है, तो विधानसभा इस मामले को विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) की श्रेणी में भी रख सकती है। फिलहाल, पंजाब पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन माना जा रहा है कि उच्चाधिकारी इस रिपोर्ट को तैयार करने में जुट गए हैं। The upcoming deadline puts significant pressure on the Jalandhar Commissionerate to justify the legal grounds of the registered complaint.