अनूपपुर (शहडोल): मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष की एक दुखद घटना सामने आई है। सोमवार को छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे कोतवाली थाना क्षेत्र के खाड़ा गांव में तीन जंगली हाथियों के एक दल ने जमकर तबाही मचाई। हाथियों ने बलराम केवट नामक ग्रामीण के घर को निशाना बनाते हुए उसकी दीवारें ढहा दीं और घर में रखा सारा अनाज चट कर गए। इस दौरान सबसे दर्दनाक मंजर तब देखने को मिला जब हाथियों ने बगीचे में बंधी दो गायों को अपने पैरों तले कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। The Wild Elephant Incursion in Khada village has left the local community in a state of panic after the loss of property and livestock.
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराया और पीड़ित परिवार के हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। वन विभाग के अनुसार, यह दल छत्तीसगढ़ के जंगलों से भटककर रिहायशी इलाकों में दाखिल हुआ है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। The Human-Wildlife Conflict in the border regions of Madhya Pradesh and Chhattisgarh remains a persistent challenge for the forest administration.
प्रशासन ने खाड़ा और आसपास के गांवों में मुनादी (घोषणा) करवाकर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कच्चे घरों को छोड़कर फिलहाल पक्के और सुरक्षित मकानों में शरण लें और अपने पालतू पशुओं को हाथियों की संभावित आवाजाही वाले रास्तों से दूर रखें। हाथियों की निगरानी के लिए गश्ती दल तैनात किया गया है ताकि उन्हें दोबारा जंगल की ओर खदेड़ा जा सके। The Forest Department's Alert emphasizes proactive safety measures to prevent further loss of life or property in the affected tribal belt.