चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने प्रदेश की जनता की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि राज्य के जिन रिहायशी क्षेत्रों और कॉलोनियों के ठीक ऊपर से 33 KV या 66 KV की हाईटेंशन बिजली की तारें गुजर रही हैं, उन्हें वहां से हटाने या शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विज ने स्पष्ट किया कि कई स्थानों पर बिजली की लाइनें बिछाने के बाद वहां आबादी बस गई है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। इन खतरनाक तारों से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार अब ठोस योजना पर काम कर रही है। The decision to relocate High-Tension Power Lines from residential clusters aims to eliminate potential electrocution hazards and ensure public safety.
ऊर्जा मंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रदेश के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश और आंधी के कारण बिजली ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। भारी हवाओं के चलते सैकड़ों बिजली के खंभे उखड़ गए और कई फीडर व ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बिजली निगम के अधिकारी नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में Electricity Supply को सुचारू करने के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य जारी है। सरकार का मुख्य लक्ष्य उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के बिजली उपलब्ध कराना और क्षतिग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर को जल्द से जल्द दुरुस्त करना है। All departments have been directed to prioritize the Restoration of Power Infrastructure following the recent weather disturbances.
विज ने कहा कि हमारी सरकार जनता के हितों की रक्षा और उनकी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बिजली की लाइनों को हटाने के इस बड़े कदम से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के मन से डर भी दूर होगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार न केवल तकनीकी ढांचे को आधुनिक बना रही है, बल्कि देश की समृद्ध संस्कृति को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। The Citizen-Centric Approach of the Haryana government reflects in its proactive measures to solve long-standing local safety issues.