वाशिंगटन: नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रूट ने यूरोपीय संघ के सांसदों को संबोधित करते हुए एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की सैन्य सहायता और उसके 'परमाणु छत्र' (Nuclear Umbrella) के बिना यूरोप की सुरक्षा की कल्पना करना महज एक छलावा है। रूट ने ब्रुसेल्स में कहा, "अगर किसी को लगता है कि यूरोप अकेले अपनी रक्षा कर सकता है, तो वे सपने देखते रहें।" उनके अनुसार, यदि यूरोप सच में स्वतंत्र सुरक्षा तंत्र चाहता है, तो उसे अपने रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मौजूदा 5% के लक्ष्य से बढ़ाकर 10% करना होगा, जो आर्थिक रूप से एक बहुत बड़ी चुनौती है। The NATO Secretary General emphasized that breaking away from US support would require Europe to build its own nuclear capabilities costing billions of euros.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड (Greenland) को लेकर की गई टिप्पणियों ने ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है। ट्रंप ने सुरक्षा कारणों से ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की बात कही थी और ऐसा न होने पर यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी भी दी थी। हालांकि, मार्क रूट की मध्यस्थता के बाद ट्रंप ने फिलहाल अपनी धमकियां वापस ले ली हैं। नाटो प्रमुख ने सांसदों के सामने ट्रंप के विजन का बचाव करते हुए कहा कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती सक्रियता वास्तव में एक सामूहिक सुरक्षा समस्या है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। The Greenland Crisis has exposed deep rifts within the alliance, highlighting the fragile nature of current security arrangements.
रक्षा बजट को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर भी रूट ने स्थिति साफ की। बता दें कि जुलाई 2025 में द हेग (The Hague) में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय देशों और कनाडा ने 2035 तक अपने रक्षा खर्च को बढ़ाकर कुल 5% (3.5% मुख्य सैन्य खर्च और 1.5% सुरक्षा ढांचा) करने का वादा किया था। ट्रंप अक्सर यूरोपीय देशों पर "मुफ्त की सुरक्षा" का लाभ उठाने का आरोप लगाते रहे हैं। मार्क रूट ने चेतावनी दी कि यदि यूरोप अमेरिका से अलग राह चुनता है, तो उसे न केवल अपना बजट दोगुना करना होगा बल्कि अपनी स्वतंत्रता के सबसे बड़े गारंरटर (अमेरिका) को भी खोना पड़ेगा। This Defense Spending Debate remains at the core of the friction between the Trump administration and its European allies.