हिसार: पहाड़ों में हो रही निरंतर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ ने हरियाणा में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौटा दी है। ठंडी हवाओं और हालिया बारिश के कारण प्रदेश के दिन और रात के तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हिसार जिला शनिवार को प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। मौसम विभाग के अनुसार, एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 27 और 28 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से झमाझम बारिश और बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। The sudden Temperature Drop in Haryana has brought back severe cold wave conditions across the state.
भीषण सर्दी का आलम यह है कि हिसार के ग्रामीण क्षेत्रों में पाला जमने लगा है और खेतों में ओस की बूंदें बर्फ की सफेद चादर की तरह दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए प्रदेश को दो हिस्सों में बांटकर अलर्ट जारी किया है। अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल सहित छह जिलों में Orange Alert जारी किया गया है, जबकि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सिरसा और रोहतक समेत अन्य जिलों के लिए Yellow Alert प्रभावी है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि 29 जनवरी तक मौसम इसी तरह परिवर्तनशील बना रहेगा और शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। The Orange Alert for Northern Haryana warns of dense fog and possible light rain during the next 48 hours.
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम गति की ठंडी हवाएं चलेंगी। शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद नारनौल, भिवानी और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में भी न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री के आसपास बना हुआ है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को पाले से फसलों को बचाने के लिए उचित सावधानी बरतने की सलाह दी है। आमजन को भी सलाह दी गई है कि वे घने कोहरे के दौरान सड़क यात्रा में विशेष सावधानी बरतें। The Agriculture Meteorological Department expects cloudy skies and intermittent drizzle to persist until the end of the month.