हिमाचल में 'एंटी-चिट्टा' जंग का शंखनाद: 21-22 जनवरी को प्रदेश भर में ग्राम सभाएं, तस्करों की संपत्ति होगी जमींदोज



शिमला: हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 'निर्णायक लड़ाई' का ऐलान किया है। इसके तहत आगामी 21 और 22 जनवरी को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष 'एंटी-चिट्टा ग्राम सभाएं' आयोजित की जाएंगी, जिनमें न केवल नशे की मैपिंग होगी, बल्कि लत में फंसे युवाओं के पुनर्वास पर भी ठोस रणनीति बनेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चिट्टा तस्करों की पहचान कर ली गई है और उनकी संपत्तियों को जल्द ही ध्वस्त किया जाएगा। युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूल की पाठ्य पुस्तकों में विशेष अध्याय शामिल किए जाएंगे और ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक 'प्रीमियर लीग' की तर्ज पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।

On the economic front, the Chief Minister expressed serious concern over the central government's decision to reduce import duty on apples from New Zealand from 50% to 25%. बागवानों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से हिमाचल की 5,000 करोड़ की सेब आर्थिकी पर गहरी चोट पहुंचेगी। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने सेब और अन्य कृषि उत्पादों को मुक्त व्यापार समझौतों से बाहर नहीं किया, तो हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बागवान मिलकर दिल्ली कूच करेंगे। सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए जल्द ही केंद्रीय वित्त और वाणिज्य मंत्रियों से मुलाकात करेगी।



Meanwhile, Deputy CM Mukesh Agnihotri clarified that HRTC employees will continue with existing travel arrangements, but their 'Him Bus Cards' are being upgraded with modern technology. परिवहन विभाग में सुधारों की झड़ी लगाते हुए उन्होंने शिमला और मंडी वर्कशॉप की मरम्मत के लिए 13.28 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। साथ ही, अगले 3 महीनों में निगम के बेड़े से 500 पुरानी और कम माइलेज वाली बसों को बाहर कर 297 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी। हरिपुरधार बस हादसे पर जांच के आदेश देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में मेलों और त्योहारों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एचआरटीसी विशेष बसें चलाएगा।



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